प्रदेश के 184 नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति विवरण अब मैनुअल ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन स्पारो पोर्टल पर दर्ज होंगे। नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने यह नया सिस्टम शुरू किया है ताकि सभी जानकारी डिजिटल माध्यम से सुर
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अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने विवरण पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। पहले स्थापना शाखा प्रभारी मैनुअल रूप से यह जानकारी दर्ज करते थे, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इससे कामकाज में तेजी आएगी और गोपनीयता बनी रहेगी।
विभाग ने सभी निकायों को 29 सितंबर तक जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक अधिकांश निकायों ने जरूरी जानकारी नहीं भेजी है। अफसरों का कहना है कि पोर्टल में जानकारी अपलोड की जा रही है। नगरीय प्रशासन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑनलाइन व्यवस्था से कार्य में पारदर्शिता आएगी और सूचना आदान-प्रदान में तेजी आएगी।
स्थापना प्रभारी की भूमिका केवल देखरेख तक ही सीमित रहेगी अब स्थापना प्रभारी की भूमिका केवल देखरेख तक सीमित रहेगी। वास्तविक जानकारी अधिकारी-कर्मचारी खुद पोर्टल में दर्ज करेंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे। यह नया सिस्टम न केवल काम को आसान बनाएगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ाएगा।
इसलिए विभाग ने सभी नगरीय निकायों को सूचना अपलोड करने के लिए अंतिम समय सीमा भी दी थी, जिसे कई निकाय अब तक पूरा नहीं कर पाए हैं। चल और अचल संपत्ति ऑनलाइन दर्ज होने से कर्मचारी भ्रष्ट्राचार में लिप्त नहीं हो पाएंगे।
निकायों में डिजिटल क्रांति यह ऑनलाइन पहल नगरीय निकायों में प्रशासनिक सुधार के लिए एक बड़ा कदम है। विभाग ने इस प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने का मन बनाया है ताकि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और समय पर जानकारी दें।
गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति विवरण स्पारो पोर्टल में अपलोड किए जा रहे हैं। जल्द ही ये काम पूरे हो जाएंगे। -राकेश जायसवाल, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन
