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महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर उम्मीदों के पंख प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण नामक एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकास केंद्र सामटोली में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिटी फॉरेस्ट गवर्नेंस रांची और जॉइंट वीमेंस प्रोग्राम के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ तानिया डिशिजा ने मासिक धर्म स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक औषधियों के उपयोग और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि देश में हर वर्ष लगभग 2.3 करोड़ किशोरियां मासिक धर्म से जुड़ी असुविधाओं और जागरूकता की कमी के कारण स्कूल छोड़ देती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी 71 प्रतिशत महिलाएं अस्वच्छ और पारंपरिक साधनों का प्रयोग करती हैं, जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पर्यावरण-अनुकूल सेनिटरी नैपकिन और हर्बल उपचारों के बारे में जानकारी दी गई।
