पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सायरन बजते ही स्टेशन पर अफरातफरी मच गई और धुएं का गुब्बार उठता दिखाई दिया। हालांकि, यह कोई वास्तविक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए रेल
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इस मॉक ड्रिल में एक ट्रेन दुर्घटना का परिदृश्य बनाया गया था, जिसमें पांच यात्रियों की मौत और आठ के घायल होने की स्थिति दिखाई गई। घायलों में एक यात्री गंभीर रूप से घायल दिखाया गया। यात्रियों को ट्रेन की खिड़कियां काटकर बाहर निकाला गया और उन्हें अस्थाई मेडिकल कैंप में प्राथमिक उपचार दिया गया।
इस मॉक ड्रिल में एक ट्रेन दुर्घटना का परिदृश्य बनाया गया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में रेलवे की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और लोगों को रेलवे की सतर्कता के प्रति जागरूक करना था। ड्रिल में रेलवे की सिविल डिफेंस टीम, एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ रेलवे के रनिंग, इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, मेडिकल और कॉमर्शियल विभाग के कर्मचारी शामिल हुए।
ड्रिल के दौरान डीआरएम तरुण हुरिया और एडीआरएम विनय हेंब्रम सहित रेलवे के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। रेलवे प्रशासन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए इस तरह के अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं, जो रेलवे की हर समय की तैयारी को दर्शाते हैं।
