हरियाणा के सीनियर IPS अफसर पूरन कुमार के सुसाइड केस में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 अफसरों पर गुरुवार देर रात रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से सुसाइड नोट को आधार बनाते हुए सेक्टर-11 थाने में 156 नंबर FIR भ
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इसमें खास बात ये है कि गुरुवार तक पूरन कुमार के परिवार की ओर से 15 अफसरों पर आरोप लगाए गए थे, जिनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का नाम भी शामिल था। लेकिन, अब जो रिपार्ट दर्ज कराई है उसमें उनका नाम नहीं है।
उधर, एफआईआर के बाद आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए हामी भर दी है। परिवार की ओर से कार्रवाई न होने तक पोस्टमॉर्टम न कराने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सरकार को हाईलेवल मीटिंग बुलानी पड़ी और गुरुवार की रात को ही रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जारी किए।
अब परिवार की अनुमति देने के बाद आज (10 अक्टूबर) पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। परिवार की मांग पर ही पीजीआई के डॉक्टर का मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। इससे पहले गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एवं अस्पताल सेक्टर-32 का मेडिकल बोर्ड किया गया था, लेकिन परिवार उस पर राजी नहीं हुआ।
इसी के साथ इस बीच हरियाणा ब्यूरोक्रेसी में शामिल SC वर्ग के IAS-IPS और HCS अफसर खुलकर पूरन कुमार के परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG जैसी मेन पोस्टिंग मिलने से कई बड़े अफसर नाराज थे और उन्हें किसी भी कीमत पर डाउन करना चाहते थे। यही अफसर पूरन कुमार को लंबे अरसे से प्रताड़ित कर रहे थे और सीनियॉरिटी को नजरअंदाज कर उन्हें खुड्डेलाइन पोस्टिंग दी जा रही थीं।
एक वरिष्ठ IAS अफसर ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में नाम न छापने की शर्त पर कहा- SC कम्युनिटी से आने वाले वरिष्ठ IPS अफसर पूरन कुमार को लंबे अरसे से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनकी सीनियॉरिटी को नजरअंदाज करके नॉन कैडर वाली पोस्टिंग दी जा रही थीं। उन्हें मार्च-2023 में आईजी होमगार्ड लगा दिया गया। पूरन कुमार ने अक्टूबर 2023 में चीफ सेक्रेटरी से शिकायत भी की थी कि उन्हें नॉन कैडर-नॉन एग्जिस्टिंग पोस्ट पर लगाया जा रहा है।
इसके 9 महीने बाद, नवंबर 2023 में हुए प्रशासनिक फेरबदल में पूरन कुमार को IG (टेलीकम्युनिकेशन) लगा दिया गया। हालांकि ये कैडर पोस्ट थी, लेकिन पुलिस महकमे में इसे मेन स्ट्रीम का पद नहीं माना जाता।
वरिष्ठ IAS अफसर के मुताबिक, अप्रैल–2025 में जब पूरन कुमार किसी तरह अपने बूते रोहतक रेंज के IG की मेन स्ट्रीम वाली पोस्टिंग पाने में कामयाब हो गए तो राज्य के कई बड़े अफसरों की भौंहे तन गईं। ये अफसर किसी भी कीमत पर पूरन कुमार को डाउन करना चाहते थे।
5 महीने बाद 29 सितंबर 2025 में पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG पद से हटाकर सुनारिया में बने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज भेज दिया गया। वहां ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद पूरन कुमार दो अक्टूबर को पांच दिन की छुट्टी पर चले गए। 8 अक्टूबर को उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी थी लेकिन उससे एक दिन पहले, 7 अक्टूबर को उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपनी कोठी में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया।

7 अक्टूबर को इसी सोफे पर बैठकर आईपीएस वाई पूरन कुमार ने सुसाइड किया था। इनसेट में पूरन कुमार और उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार की फाइल फोटो।
जानिए वाई पूरन कुमार के साथ कैसे हुआ भेदभाव…
जूनियर अफसर से केस कराया, FIR में नौ दफा जिक्र एससी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ IAS अफसर के मुताबिक, रोहतक रेंज के IG बन जाने वाले पूरन कुमार को नीचा दिखाने के मकसद से ही एक शराब कारोबारी की शिकायत पर रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में उस जूनियर अफसर से FIR दर्ज कराई गई जो कुछ दिन पहले तक वहां पूरन कुमार को सैल्यूट मारा करता था।
बेशक इस FIR में पूरन कुमार के गनमैन सुशील को नामजद किया गया लेकिन असल मंशा पूरन कुमार को फंसाने की थी। इसी वजह से FIR में नौ बार उनका, IG रोहतक और IG ऑफिस का जिक्र किया गया। इस पूरी कवायद का मकसद पूरन कुमार को अपमानित महसूस कराना था। यही नहीं, नियम ये है कि यदि ADGP लेवल के किसी अफसर की करप्शन की शिकायत हो तो उसकी जांच DG लेवल का अधिकारी ही कर सकता है, लेकिन रोहतक में दर्ज FIR के मामले में ऐसा नहीं हुआ।
दो चरणों में लड़ाई लड़ेगा परिवार और समाज एससी वर्ग से जुड़े तमाम अफसरों और समाज के लोगों ने दिवंगत पूरन कुमार के परिवार को पूरा समर्थन दिया है। साथ ही कहा कि इस केस को दो चरणों में देखना चाहिए। पहला– मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर तुरंत FIR कर उनकी अरेस्ट व सस्पेंशन हो। दूसरा– सुसाइड नोट में जिन अफसरों पर जातीय आधार पर उत्पीड़न के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए। CBI जांच की मांग भी हो सकती है।
आईएएस अफसर पत्नी ने 2 रिप्रेजेंटेशन दी पूरन कुमार की पत्नी और हरियाणा की सीनियर IAS अफसर अमनीत पी कुमार ने बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दी। इसमें डीजीपी और रोहतक एसपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि वीरवार को जब CM नायब सैनी उनके आवास पर शोक जताने पहुंचे तो अमनीत पी कुमार ने दूसरी रिप्रेजेंटेशन दी। इसमें मांग की गई कि उनके पति के सुसाइड नोट में जितने अफसरों के नाम हैं, उन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सबकी अरेस्ट हो। सुसाइड नोट में 15 मौजूदा या रिटायर्ड IAS-IPS अफसरों के नाम हैं।

आईपीएस वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को इसी मकान में सुसाइड किया था।
अब यहां जानिए वाई पूरन कुमार केस में क्या-क्या चल रहा….
- सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज हुई FIR : इस बीच चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार देर रात तकरीबन साढ़े 10 बजे इस मामले में FIR दर्ज कर ली। इस FIR में उन सभी को आरोपी बनाया गया है जिनके नाम पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में लिखे थे। उन्होंने सुसाइड नोट में हरियाणा के 15 IAS-IPS अफसरों के नाम लिखे थे। चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में जिनके नाम थे, उन सभी को आरोपी बनाया गया है। हालांकि अमनीत पी. कुमार ने बुधवार रात को शत्रुजीत कपूर और नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ ही केस दर्ज करने और उन्हें तुरंत अरेस्ट करने की लिखित शिकायत दी थी।
- फैमिली ने मांगी सिक्योरिटी : गुरुवार को हरियाणा सीएम नायब सैनी पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अफसर अमनीत पी. कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। वहां CM सैनी ने करीब 1 घंटे अलग कमरे में अमनीत पी. कुमार के साथ बात की। अमनीत पी. कुमार ने CM को 2 पेज की शिकायत सौंपी। इसमें पूरन कुमार के सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम लिखे हैं, उन्हें सस्पेंड व अरेस्ट करने और अपने परिवार को सिक्योरिटी देने की मांग की। अमनीत पी कुमार ने सीएम से यहां तक कह दिया कि ये सुसाइड नहीं, एक तरह से मर्डर का केस है।
- CM आवास पर हाई लेवल मीटिंग : सूत्रों के मुताबिक DGP शत्रुजीत कूपर को जबरन छुट्टी और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया को हटाने के लिए सरकार कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसको लेकर चंडीगढ़ सीएम आवास पर हाई लेवल मीटिंग भी हुई। पूरन कुमार के परिवार के दबाव को देखते हुए संभावना है कि सरकार की ओर से जल्द ऑर्डर भी जारी कर दिए जाएं।
- DGP की एयरपोर्ट पर CM संग मीटिंग : गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंचते ही सीएम सैनी ने DGP शत्रुजीत कपूर से एयरपोर्ट पर ही मुलाकात की। CM ने उनसे पूरी रिपोर्ट ली। CM से पहले हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी और गृह सचिव सुमिता मिश्रा सेक्टर-24 में अमनीत पी. कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे। इसके साथ कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार और कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल भी अमनीत से मुलाकात करने पहुंचे।
- डीजीपी के खिलाफ शिकायत दे चुकीं IAS अमनीत : अमनीत पी. कुमार ने बुधवार शाम को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि DGP और SP ने उनके पति का उत्पीड़न किया, जातिगत भेदभाव किया और उन्हें प्रताड़ित किया। SC/ST समुदाय से होने के कारण उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।


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हरियाणा IPS सुसाइड केस- तीसरे दिन FIR:IAS पत्नी बोलीं- ये मर्डर; DGP-SP को हटाएगी सरकार, इनके नाम सुसाइड नोट में

हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड के तीसरे दिन, गुरुवार देर शाम को चंडीगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। सेक्टर-11 थाने में 156 नंबर ये FIR भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज की गई है। सुसाइड नोट को आधार मानते हुए ही आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
