पुलिस ने किराए पर बैंक खाता लेने और ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर ठगी के एक बड़े मामले में जोधपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए पर बैंक खाते लेकर देशभर में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल नंबर, बैंक खातों के दस्तावेज और फर्जी आधार कार्ड
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पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर दो आरोपियों — संजय (23) पुत्र बागा राम नाई निवासी भीमसागर सामराऊ, हाल किराए का मकान पृथ्वीपुरा और कालूराम (34) पुत्र बलवंत राम विश्नोई निवासी चंद्र नगर लोहावट — को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे अन्य गिरोहों को किराए पर बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जाता था, जिसमें ठगी के पैसे कुछ प्रतिशत कमीशन पर बांटे जाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी 5000 से लेकर 20,000 तक प्रति खाता किराए पर देते थे। ये खाते मुख्य रूप से ठगी से हासिल रकम को छिपाने के लिए उपयोग में लाए जाते थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जोधपुर से किराए पर लेने वाले बैंक खातों के पासबुक डेबिट कार्ड और सिम कार्ड देशभर में अलग-अलग ग्राहकों को भेजा करते थे। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय नाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि राजेश गोदारा नाम का उसका एक साथी है जो वर्तमान में कंबोडिया में रहता है। वह विदेश में रहकर अलग-अलग राज्यों से किराए पर खाते खरीद कर उनमें साइबर ठगी की राशि डलवाता है। इसके बाद उसके बताए अनुसार अलग अलग खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर कर देते थे। इसके अलावा फर्जी बैंक खाते, सिमकार्ड भी गिरोह को उपलब्ध करवाते थे। इसके बदले में उन्हें 1 लाख रूपये पर 5000 का कमीशन भी मिलता था के। आरोपी अब तक करीब 15 से 20 खाते से रुपए निकाल कर अलग-अलग जगह पर डिपाजिट करवा चुके हैं। साइबर ठगी करने के बाद आरोपी सिम कार्ड और बैंक के डॉक्यूमेंट भी जला देते थे। आरोपी 9 अक्टूबर को भी एक पार्सल लेने के लिए डीटीडीसी के कोरियर ऑफिस गए थे यहां से पार्सल को लेकर रोडवेज बस स्टैंड जा रहे थे दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पकड़ने के बाद आरोपियों के पास से कई अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल और डॉक्यूमेंट भी बरामद किए गए ।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66(D), 66(C) और भादसं की धारा 420, 120B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और बैंक खाते किराए पर लेने वाले अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
