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हरियाणा IPS सुसाइड केस का आज सातवां दिन: तेलंगाना डिप्टी CM आएंगे; IAS पत्नी DGP हटाने पर अड़ीं; महापंचायत का 48 घंटे का अल्टीमेटम – Haryana News

हरियाणा IPS सुसाइड केस का आज सातवां दिन:  तेलंगाना डिप्टी CM आएंगे; IAS पत्नी DGP हटाने पर अड़ीं; महापंचायत का 48 घंटे का अल्टीमेटम – Haryana News


चंडीगढ़ में सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में रविवार को IPS पूरन कुमार के समर्थन में महापंचायत हुई।

हरियाणा के 2001 बैच के सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड का मामला सुलझ नहीं रहा है। लगातार 6 दिन से दिवंगत आईपीएस के परिवार और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। आज (सोमवार) को सातवां दिन है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम

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वहीं, दलित समाज के संगठनों की रविवार को हुई महापंचायत में चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन को डीजीपी और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजराणिया की गिरफ्तारी को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चंडीगढ़ में आईएएस अमनीत पी कुमार के घर अफसरों और नेताओं का आना-जाना जारी है।

आज तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का पूरन कुमार की पत्नी के सरकारी आवास पर सुबह 10 बजे शोक प्रकट करने पहुंचेंगे। पूरन कुमार मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। आंध्र प्रदेश से अलग होकर ही तेलंगाना राज्य बना है।

IPS वाई पूरन कुमार की यह अंतिम फोटो सामने आई।

यहां पढ़िए कल क्या-क्या हुआ…

  • सुबह सुसाइड की फोटो सामने आई: IPS पूरन कुमार के सुसाइड के 5 दिन बाद एक फोटो सामने आई है। पूरन कुमार की डेडबॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंड प्रूफ कमरे में सोफे पर पड़ी है। उनके सिर, नाक और मुंह से खून निकल रहा है। टी-शर्ट भी खून से सनी है। पूरन कुमार दाहिने हाथ में पिस्टल पकड़े हुए हैं। उन्होंने कंबल भी ओढ़ा हुआ है।
  • SC/ST एक्ट की धारा मजबूत की: चंडीगढ़ पुलिस ने केस में SC/ST एक्ट की धारा मजबूत की है। SC/ST एक्ट की धारा 3 (1) (r) की जगह अब धारा 3 (2) (V) लगाई गई है, जिसमें उम्रकैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। जबकि, SC/ST एक्ट की धारा 3(1) (r) में 5 साल तक सजा के अलावा जुर्माने का भी प्रावधान है।
  • SIT ने रोहतक SP की रिपोर्ट तलब की: चंडीगढ़ पुलिस ने आईपीएस सुसाइड केस के मामले की जांच के लिए गठित की एसआईटी ने आईपीएस के सुसाइड केस से पहले रोहतक पुलिस के द्वारा दर्ज की गई एफआईआर मांगी है। इस एफआईआर की मांगने की वजह यह बताई जा रही है कि इसकी जरूरत क्यों पड़ी। एसआईटी की इस मामले में जांच जारी है।
  • आईएएस के घर बड़े चेहरों का आना जारी: आईपीएस वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी के घर बड़े चेहरों का आना जाना जारी है। रविवार को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जजपा के नेताओं ने अमनीत पी कुमार से मुलाकात की। कांग्रेस से विधायक अशोक अरोड़ा, जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से अजय चौटाला, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला सुबह आईएएस के घर पहुंचे। शाम को हरियाणा के गवर्नर असीम घोष अपनी पत्नी के साथ आईपीएस के घर शोक संवेदना प्रकट करने के लिए पहुंचे।

सरकार ने किया किनारा हरियाणा सरकार ने अब इस मामले में किनारा कर लिया है। दरअसल, शनिवार की शाम को सरकार के साथ आईएएस अमनीत पी कुमार की मीटिंग के बाद कोई चर्चा सरकार की तरफ से नहीं की। यही वजह है कि रविवार को विपक्षी दलों और अधिकारियों के अलावा आईपीएस की आईएएस पत्नी के यहां कोई भी सरकार से मंत्री और अफसर मिलने के लिए नहीं पहुंचा।

रोहतक के मानसरोवर पार्क में शनिवार को खाप प्रतिनिधियों की पंचायत हुई थी।

रोहतक के मानसरोवर पार्क में शनिवार को खाप प्रतिनिधियों की पंचायत हुई थी।

एससी समाज पूरन कुमार तो खापें बिजारणिया के पक्ष में उतरीं ये मामला अब जातीय रंग लेता जा रहा है। रविवार को जहां चंडीगढ़ में एससी समाज की महापंचायत हुई। जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। दूसरी तरफ रोहतक में सर्व जातीय पंचायत में मांग की गई कि बगैर जांच किसी पर कार्रवाई न हो। खापें रोहतक के एसपी पद से हटाए गए नरेंद्र बिजारणिया के समर्थन में बयान दे चुकी हैं। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी को बलि का बकरा न बनाया जाए और जांच में जो दोषी मिले उस पर कार्रवाई हो।

पलवल में शनिवार को पंजाबी संगठनों ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर का समर्थन में मीटिंग की।

पलवल में शनिवार को पंजाबी संगठनों ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर का समर्थन में मीटिंग की।

पंजाबी समाज ने डीजीपी कपूर का समर्थन किया पलवल में कुछ पंजाबी संगठनों के प्रतिनिधि मीडिया के सामने आए। पलवल पंजाबी सभा के प्रधान डीडी मक्कड़, उपाध्यक्ष कृष्ण छाबड़ा, अनिल गोसाईं समेत कई पंजाबी समुदाय के प्रतिनिधियों ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कपूर ने एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक रहते दर्जनों भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की थी, कई को जेल में डाला। ऐसे ही दागी अफसर अब मामले को जातिगत रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।



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