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हरियाणा IPS सुसाइड की जांच CBI से कराने की मांग: हाईकोर्ट में याचिका, SIT पत्नी के बयान लेगी; सुसाइड नोट पर सिग्नेचर की जांच होगी – Haryana News

हरियाणा IPS सुसाइड की जांच CBI से कराने की मांग:  हाईकोर्ट में याचिका, SIT पत्नी के बयान लेगी; सुसाइड नोट पर सिग्नेचर की जांच होगी – Haryana News


हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार की सुसाइड के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। इस बीच, लुधियाना के नवनीत कुमार ने अपने वकील के माध्यम से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है, जिसमें मामले की

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बताया जा रहा है कि SIT इस केस में दिवंगत IPS की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार से पूछताछ करने की तैयारी में है। उनकी दोनों बेटियों, साले एवं पंजाब की बठिंडा ग्रामीण सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन और परिवार के अन्य करीबी सदस्यों के भी बयान दर्ज करेगी। साथ ही सुसाइड नोट पर किए गए सिग्नेचर की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूरन कुमार की बेटी ने ही सबसे पहले अपने मामा विधायक अमित रतन को इस घटना की जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि रतन ही इस हादसे की जानकारी मिलने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। अब तक SIT इस मामले में 5 कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

7 अक्टूबर को IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने अपनी चंडीगढ़ स्थित कोठी की बेसमेंट में खुद को गोली मार ली थी।

पहले जानिए हाईकोर्ट में लगी PIL में क्या मांग की गई…

केस की जांच CBI से कराई जाए लुधियाना निवासी याचिकाकर्ता नवनीत कुमार ने अपने वकील वीके शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जिसमें मांग की कि वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में CBI से जांच कराई जाए। शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस शील नागू ने याचिकाकर्ता से पूछा कि किन परिस्थितियों में जांच को CBI को सौंपा जा सकता है। इस मामले में ऐसा क्या असाधारण है कि जांच CBI को दी जाए।

याचिकाकर्ता ने कहा-अधिकारी का सुसाइड करना संवेदनशील मामला याचिकाकर्ता नवनीत कुमार के वकील वीके शर्मा ने दलील दी कि जांच कर रहे एक अधिकारी ने भी आत्महत्या कर ली है, जिससे मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। जब वरिष्ठ अधिकारी आत्महत्या कर रहे हैं और कई IAS व IPS अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगा रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है। यह सिर्फ सुसाइड का मामला नहीं बल्कि पुलिस की कार्यशैली की भी पड़ताल होनी चाहिए।

14 सदस्यीय टीम कर रही जांच चंडीगढ़ प्रशासन के वकील ने याचिका दायर करने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि लुधियाना के रहने वाले याची का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस की विशेष टीम जांच कर रही है। SIT को IG रैंक के एक IPS अधिकारी लीड कर रहे हैं। इसमें 3 IPS अधिकारी और 3 DSP शामिल हैं। कुल मिलाकर 14 सदस्यीय टीम साइंटिफिक व तकनीकी आधार पर जांच कर रही है।

15 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 25 स्थित श्मशान घाट में पूरन कुमार का अंतिम संस्कार किया गया था।

15 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 25 स्थित श्मशान घाट में पूरन कुमार का अंतिम संस्कार किया गया था।

IPS के 2 फोन का डेटा रिकवर कर रही SIT SIT ने IPS पूरन कुमार के 2 मोबाइल जब्त किए हैं, उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांचकर्ताओं ने पहले अपराध स्थल से एक 9 एमएम पिस्टल और एक चला हुआ कारतूस बरामद किया था, दोनों को बैलिस्टिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के कुछ अधिकारियों ने बताया कि SIT ने मोबाइल का कुछ डेटा रिकवर भी किया है, जिस पर अलग अलग बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी है।

अमनीत को किसने दी मौत की सूचना पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि IPS अधिकारी की मौत की शुरुआती जानकारी चंडीगढ़ पुलिस को हरियाणा पुलिस ने दी थी। सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद, कुमार की पत्नी अमनीत ने कथित तौर पर उनके फोन पर कई बार कॉल किए, लेकिन न तो उन्होंने और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य ने कोई जवाब दिया। SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि अमनीत को उनके पति की मौत की जानकारी सबसे पहले किसने दी।

SIT ने जब्त की CDR SIT ने पूरन कुमार के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) हासिल कर लिए हैं, जिनसे पता चलता है कि आत्महत्या से एक दिन पहले उन्होंने कुछ वकीलों से बात की थी। हालांकि अभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। SIT इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये बातचीत रोहतक में उनके खिलाफ दर्ज FIR से संबंधित थी, जिसके बाद कुमार के गनमैन सुशील को रोहतक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब तक SIT ने सुशील कुमार से पूछताछ की है, जो फिलहाल रोहतक जेल में बंद है।

लैपटॉप SIT को सौंपने के आदेश चंडीगढ़ कोर्ट ने परिवार को आदेश दिया है कि पूरन कुमार का लैपटॉप और एप्पल मैकबुक (टैबलेट) SIT को सौंपा जाए। ऐसा दावा किया गया है कि पूरन कुमार ने फाइनल नोट और वसीयत लैपटॉप से ही लिखी थी। इसलिए SIT इन्हें कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजना चाहती है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा पूरन कुमार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है। इसमें खुलासा हुआ है कि गोली लगने से पूरन कुमार के इंटरनल ऑर्गन फट गए थे। नाक, कान और मुंह से खून निकला। इसके कारण उनकी मौत हो गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अब पुलिस ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है।



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