अभिजीत सिंह | गोरखपुर3 मिनट पहले
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गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में शुक्रवार सुबह भेड़िया के बाड़े में अचानक एक कोबरा सांप घुस गया। सांप को देखकर भेड़िया तनाव में आ गया और बाड़े में सन्नाटे में बैठ गया।
नाइटसेल की सफाई के दौरान कीपरों ने बाड़े में असामान्य आवाज सुनी और देखा कि सांप क्रॉल की जाली से लिपटा हुआ है और अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा है। तुरंत भेड़िए को सुरक्षित दूसरे सेल में शिफ्ट किया गया।
करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद कीपरों ने सांप को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि टीम की सतर्कता और अनुभव से बड़ी अनहोनी टली।

भेड़िए भैरव को फिर बाड़े में लौटाया गया। बाहर आते ही वह उत्साहित होकर छलांग मारने लगा। डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि भेड़िया पूरी तरह स्वस्थ है और किसी प्रकार की चोट नहीं आई।
भेड़िए भैरव और भैरवी का रोचक इतिहास भेड़िया भैरव और भैरवी पिछले साल सितंबर में बहराइच से रेस्क्यू कर गोरखपुर लाए गए थे। चार माह नाइटसेल में रहने के बाद जनवरी 2025 में इन्हें बाड़े में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्हें भैरव और भैरवी का नाम दिया था। मई में भैरवी की मृत्यु के बाद भैरव अकेला रह गया है।
डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अगर सांप रात में भेड़िए के पास चला जाता तो खतरा बढ़ सकता था। कीपरों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी अनहोनी टल गई।
