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DPS अमृतसर के सिक्योरिटी गार्ड की करंट लगने से मौत: स्कूल से ड्यूटी कर लौट रहा था घर, सड़क पर बिखरी बिजली तारों से टकराई बाइक – Amritsar News

DPS अमृतसर के सिक्योरिटी गार्ड की करंट लगने से मौत:  स्कूल से ड्यूटी कर लौट रहा था घर, सड़क पर बिखरी बिजली तारों से टकराई बाइक – Amritsar News


घटनास्थल और तारों का जंजाल, जिसमें अटक जसपाल सिंह की जान गई।

पंजाब के अमृतसर में हलका जंडियाला गुरु क्षेत्र में रविवार तड़के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के सुरक्षा गार्ड की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान जसपाल सिंह पुत्र मुख्तियार सिंह निवासी गांव जानिया के रूप में हुई है। बिजली की तारों से झुलसने के कारण

.

परिवार को इस घटना की जानकारी सुबह 6 बजे लगी। जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पूरी कर रविवार सुबह करीब 5:30 बजे बाइक पर घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक सड़क पर गिरी हुई बिजली की तारों में उनकी बाइक फंस गई।

जमीन पर बिखरी पड़ी थी बिजली की तारें

बताया जा रहा है कि तारें मरम्मत के काम के दौरान जमीन पर गिरी हुई थीं और किसी ने उन्हें हटाने की जहमत नहीं उठाई। जैसे ही मोटरसाइकिल का पहिया तारों से टकराया, जसपाल सिंह करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक जसपाल का फाइल फोटो

हादसा नहीं, बिजली बोर्ड की लापरवाही

मृतक के बेटे दलेर सिंह ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। वह रोजाना की तरह सुबह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। रास्ते में बिजली बोर्ड द्वारा काम चल रहा था, लेकिन किसी ने तारों को हटाने या आसपास सुरक्षा व्यवस्था करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।

उन्होंने कहा कि यदि तारों को समय पर हटाया जाता या रास्ता बंद किया जाता तो उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने इसे हादसा नहीं बल्कि लापरवाही से हुई मौत बताया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

परिवार ने उठाई इंसाफ की मांग

जसपाल सिंह की मौत के बाद उनके गांव जानिया में शोक की लहर है। परिजन और ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर शिकायतों को नजरअंदाज करते हैं। गांव में कई बार तारों के झूलने की शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जब एक व्यक्ति की जान चली गई, तब विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

दोषियों पर दर्ज हो हत्या का केस- किसान यूनियन

भारतीय किसान यूनियन (एकता) के नेता दलजीत सिंह खालसा ने मौके पर पहुंचकर कहा कि यह किसी हादसे का मामला नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही से हुई मौत है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषी अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ हत्या के समान मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि मृतक परिवार को आर्थिक मुआवजा और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

थाना जंडियाला गुरु के एसएचओ इंस्पेक्टर लखविंदर पाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और जो भी तथ्य पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि बिजली बोर्ड की लापरवाही साबित होती है, तो कानूनी तौर पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



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