बर्लिन5 मिनट पहले
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल शुक्रवार को जर्मनी में बर्लिन डायलॉग में शामिल हुए।
कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर शुक्रवार को कहा कि भारत जल्दबाजी में सौदे और सिर पर बंदूक रखकर डील नहीं करता है।
जर्मनी में बर्लिन डायलॉग में उन्होंने कहा कि भारत यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका समेत देशों और क्षेत्रों के साथ ट्रेड डील पर बातचीत कर रहा है। गोयल ने कहा कि किसी भी ट्रेड डील को लॉन्ग टर्म नजरिए से देखा जाना चाहिए। भारत कभी भी जल्दबाजी में या किसी आवेश में आकर फैसला नहीं करता है।
इसके अलावा, गोयल ने टैरिफ पर बोलते हुए कहा कि हाई टैरिफ से निपटने के लिए भारत नए मार्केट की तलाश भी कर रहा है। अपनी शर्तों पर डील करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रेड डील हमेशा लॉन्ग टर्म नजरिए से की जाती है।
मुझे नहीं लगता कि भारत ने कभी भी राष्ट्रीय हित के अलावा किसी अन्य आधार पर यह तय किया है कि उसके मित्र कौन होंगे? और अगर कोई मुझसे कहता है कि आप यूरोपीय संघ के दोस्त नहीं रह सकते, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगा या कोई कल मुझसे कोई कहता है कि मैं केन्या के साथ काम नहीं कर सकता है, यह मंजूर नहीं है।

उन्होंने कहा- ‘मैं आज के अखबार में पढ़ रहा था, जर्मनी तेल पर US के बैन से छूट मांग रहा है। UK ने पहले ही US से तेल खरीदने की छूट ले ली है या शायद उसे मिल भी गई है तो फिर सिर्फ भारत को ही क्यों चुना जा रहा है।’
क्योंकि अमेरिका भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा है। US ने 22 अक्टूबर को रूस के दो सबसे बड़े कच्चे तेल प्रोड्यूसर, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर बैन लगा दिए थे, और सभी अमेरिकी कंपनियों और लोगों को उनके साथ बिजनेस करने से रोक दिया था।

फेयर और बेहतरीन डील करेंगे
गोयल ने इससे पहले भारत अमेरिका के साथ डील को लेकर एक और बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत अमेरिका के बीच डील को लेकर बातचीत अच्छी चल रही है। जल्द ही दोनों पक्षों में समझौता होगा। हम एक फेयर और बेहतरीन डील करेंगे।
