सुबह की हल्की ठंडक में चूल्हे पर मां ठेकुआ बना रही हैं। घी की खुशबू पूरे घर में घुल गई है। दीदी दऊरा सजा रही हैं। बाबूजी बाजार से हाथ में गन्ना, माथे पर टोकरी में फल लिए घर आ रहे हैं। आज छठ का पहला दिन है। गीत गूंज रहे हैं। मां बार-बार फोन कर रही है
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दैनिक भास्कर लाया है इसी दर्द को बयां करता एक विशेष छठ गीत- ‘बिहारे में दे दीं रोजगार हे छठी मइया।’ गीत देखने-सुनने के लिए ऊपर दिए वीडियो पर क्लिक करें…
