बच्चों से भरी बस हाई टेंशन तारों से टकराई
लुधियाना के कोचर मार्केट इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बच्चों से भरी एक बस अचानक हाई टेंशन तारों से टकरा गई। बस में संगरूर से खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए करीब 55 बच्चे सवार थे। हादसा इतना खतरनाक था कि कुछ पल के लिए पूरे इलाके में चिंगारिय
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गनीमत रही कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। लेकिन हादसे के बाद इलाके की बिजली ठप हो गई क्योंकि टकराने के बाद हाई टेंशन लाइन के तार टूटकर जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने दिखाई समझदारी बच्चों को समय रहते निकाला बाहर हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए बस के अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि बिजली का करंट फैलने का डर था, लेकिन लोगों ने जान जोखिम में डालकर सभी बच्चों को बचा लिया। बिजली विभाग की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया जिन्होंने लाइन बंद करवाकर मरम्मत का काम शुरू कर दिया था।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे समाजसेवी और एडवोकेट राजेश राजा ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा यह तो महज़ किस्मत थी कि कोई अनहोनी नहीं हुई। कोचर मार्केट में तार कई जगहों पर झूल रहे हैं लेकिन बिजली विभाग आंखें मूंदे बैठा है। अगर बिजली चालू होती तो आज कई मासूमों की जान जा सकती थी। राजेश राजा ने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार विभाग को तारों की ऊँचाई और झूलती लाइन की शिकायत दी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही है ।
चालक बोला अंधेरा था तार दिखे ही नहीं बस चालक ने बताया कि अंधेरा होने और सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारण उसे तारें दिखाई नहीं दीं। अचानक चिंगारी निकली और बच्चे डर गए उसने कहा। हादसे के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बिजली विभाग की टीम तारों को बदलने का काम कर रही है, लेकिन कोचर मार्केट और आसपास के इलाके की बिजली 3 घंटे गुल रही । लोगों का गुस्सा कब जागेगा प्रशासन इलाके के लोगों का कहना है कि यह हादसा प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा है। कई जगहों पर तार इतनी नीचे लटक रहे हैं कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग को जल्द से जल्द सभी हाई टेंशन लाइनों की जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ ना हों।
फ़िलहाल राहत की बात यही है कि सभी 55 बच्चे सुरक्षित हैं। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है क्या लुधियाना में प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है
