आरोपियों से बरामद किए गए अवैध हथियार।
पंजाब में संगठित अपराध और अवैध हथियार सप्लाई चेन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जालंधर पुलिस ने 6 और पिस्तौल (.32 बोर) बरामद किए हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने दी। यादव ने कहा- मामले में आगे जांच की जा रही है। बता दें कि तीन आरोप
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डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने मनकरण सिंह देओल, सिमरनजीत सिंह और जयवीर सिंह से ये हथियार बरामद किए हैं। तीनों का जब एनकाउंटर किया गया था, तो उनसे दो पिस्तौल मौके से भी बरामद किए गए थे। अब तक आरोपियों से कुल 8 पिस्तौल बरामद किए जा चुके हैं।
पंजाब पुलिस के डीजीपी यादव द्वारा साझा की गई जानकारी।
जग्गू भगवानपुरिया के लिए काम कर रहे थे आरोपी
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी कुख्यात जग्गू भगवापुरिया गिरोह के नजदीकी सहयोगी हैं और उन्होंने ये हथियार मध्य प्रदेश से मंगवाए थे। आरोपी इन हथियारों की सप्लाई पंजाब में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को करते थे।
इस संबंध में थाना रामा मंडी में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आगे की जांच कर रही है, ताकि इस सप्लाई नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक का पूरी तरह पता लगाया जा सके। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में संगठित अपराध को खत्म करने और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी टीमें काम कर रही हैं।
एनकाउंटर में घायल आरोपियों के बार में 2 पॉइंट
- ASI मर्डर में भी दोषी करार: अमृतसर में छेहरटा इलाके में 26 सितंबर को धर्मजीत सिंह उर्फ धर्मा की हत्या हुई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। धर्मा वही आरोपी है, जिसे 2012 में ASI रविंदरपाल की हत्या में दोषी करार दिया गया था।
- ये तीन आरोपी पकड़े गए: धर्मा पर इस कत्ल के अलावा 4 और मामले NDPS व आर्म्स एक्ट के दर्ज थे। पुलिस इस केस में तीन आरोपियों नवराज सिंह उर्फ नूर, दलविंदर सिंह उर्फ बिल्ली और शुभदीप सिंह उर्फ शुभ को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि शूटरों और विदेशी हैंडलर की पहचान भी कर ली गई है। तीन शूटर, जिन्होंने फायरिंग कर धर्मा का कत्ल किया था, पुलिस की गिरफ्त से दूर थे जिनमें मनकरण भी शामिल था।
