मऊगंज की नईगढ़ी नगर परिषद में एक बार फिर प्रशासनिक विवाद सामने आया है। बुधवार को नगर परिषद नईगढ़ी के 12 पार्षदों ने मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन से मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) हेमंत त्रिपाठी के खिलाफ लिखित शिकायत की।
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पार्षदों ने सीएमओ पर नगर परिषद की बैठक में मनमानी करने और नियमों की अनदेखी कर अध्यक्ष के दबाव में अवैधानिक कार्यवाही करने का आरोप लगाया है।
पार्षदों ने अपनी शिकायत में बताया कि 27 अक्टूबर को नगर परिषद नईगढ़ी की बैठक शाम 4 बजे सभागार में बुलाई गई थी। सभी पार्षद तय समय पर सभागार पहुंच गए, लेकिन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीएमओ 4:30 बजे तक भी सभाकक्ष में नहीं आए।
सभागार छोड़ अध्यक्ष कक्ष में बैठक कराई गई
पार्षदों के अनुसार, सीएमओ हेमंत त्रिपाठी ने सभागार में बैठक कराने से इनकार कर दिया और जोर देकर कहा कि बैठक केवल अध्यक्ष के कक्ष में ही होगी। इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताई और सवाल किया कि जब मीटिंग हॉल निर्धारित है और सभी सदस्य वहीं मौजूद हैं, तो अध्यक्ष कक्ष में बैठक कराने का क्या औचित्य है।
इस बात को लेकर पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए बैठक से बाहर निकल गए। पार्षदों ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 59 के तहत, अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपस्थित सदस्यों में से वरिष्ठ सदस्य को सभापति बनाकर बैठक कराई जा सकती है। इसी प्रावधान का पालन करते हुए, पार्षदों ने वार्ड क्रमांक 3 के वरिष्ठ पार्षद छविलाल प्रजापति को सभापति नियुक्त किया और बैठक में चार एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की।
इन 12 पार्षदों ने कलेक्टर से मांग की है कि 27 अक्टूबर को परिषद सभागार में पारित प्रस्तावों को वैध माना जाए। उन्होंने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीएमओ की अवैधानिक कार्यवाही को निरस्त करने तथा सीएमओ हेमंत त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई करने की भी मांग की है।यह भी उल्लेखनीय है कि इन्हीं 12 पार्षदों ने पहले भी नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जो वर्तमान में शासन स्तर पर लंबित है।
