पुलिस ने दीपावली के दिन एक वृद्ध व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या के मामले में एक नाबालिग को निरुद्ध किया है।
डूंगरपुर पुलिस ने दीपावली के दिन एक वृद्ध व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या के मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया है। यह घटना 22 अक्टूबर को डूंगरपुर जिले के भीलवा पंचेला गांव में हुई थी। पुलिस ने गहन जांच के बाद इस मामले का खुलासा किया।
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चौरासी थाना पुलिस के अनुसार, भीलवा पंचेला निवासी गोविंद भणात मीणा ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 22 अक्टूबर की शाम लगभग 7:30 बजे वह अपने दादा जीवा भणात के साथ घर जा रहे थे। विजयपाल भणात के घर के पास सड़क पर गोविंद मोटरसाइकिल पर बैठे थे और उनके दादा जीवाजी भी बैठने वाले थे। तभी भीलवा पचेला की ओर से एक मोटरसाइकिल पर एक बालक अपने दो अन्य साथियों के साथ आया।मोटरसाइकिल से उतरकर उस बालक ने अपने हाथ में मौजूद धारदार रामपुरी चाकू से जीवाजी के पेट में वार कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से फरार हो गया। परिजन जीवाजी को इलाज के लिए डूंगरपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी रमेश कटारा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक यूनिट और एम.ओ.बी. (मोबाइल ऑफेंस ब्यूरो) टीम से गहन जांच करवाई। जांच के दौरान, पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।पूछताछ में बालक ने बताया कि 22 अक्टूबर की शाम लगभग 7:30 बजे वह शराब लेने जा रहा था। रास्ते में जीवा भणात और कुछ अन्य लोगों ने उसे ‘छपरी’ कहकर बुलाया और उसके साथ हाथापाई व गाली-गलौज की। इस बात से गुस्सा होकर उसने अपनी पैंट की जेब से रामपुरी चाकू निकाला और भीड़ पर लहराया। बाद में उसे पता चला कि चाकू जीवा भणात को लगा, जिससे उनकी मौत हो गई।पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर बाल संप्रेषण गृह डूंगरपुर भेज दिया है।
