नारनौल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते चौधरी बीरेंद्र सिंह।
हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने अपनी ही पार्टी के नए प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को इशारों-इशारों में चुनौती दे डाली। वह भी राव के ही गृह जिले महेंद्रगढ़ में। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सांसद बृज
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बीरेंद्र सिंह बुधवार को महेंद्रगढ़ में इसी यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने पहुंचे थे। बीरेंद्र सिंह अपने पूर्व सांसद बेटे बृजेंद्र की सद्भाव यात्रा की कमान संभाले हुए हैं। पूर्व IAS अधिकारी एवं हिसार के सांसद रहे बृजेंद्र सिंह ने 5 अक्टूबर को जींद के उचाना हलके से यात्रा शुरू की थी, जो 6 चरणों में सभी 90 हलकों में जाएगी।
असल में, हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनते ही राव नरेंद्र सिंह ने यात्रा में शामिल होने के सवाल पर कहा था कि यह कार्यक्रम उनके अध्यक्ष बनने से पहले का है। वह हाईकमान के आदेश मानेंगे। यदि हाईकमान कहेगी, तभी यात्रा में शामिल होंगे। अभी तक राव नरेंद्र यात्रा से दूरी बनाए हुए हैं।
दिलचस्प है कि कांग्रेस में बड़बोले नेताओं पर लगाम कसने के लिए 28 अक्टूबर को हाईकमान ने अनुशासन समिति बनाई है। इसमें चेयरमैन पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक और सदस्य सचिव एडवोकेट रोहित जैन हैं।
6 अक्टूबर को चंडीगढ़ कांग्रेस कार्यालय में राव नरेंद्र सिंह ने पदभार ग्रहण किया था। – फाइल फोटो
कार्यक्रम में बीरेंद्र सिंह ये बातें कहीं…
- बीरेंद्र बोले- बहुत कांग्रेसियों को भ्रम: बैठक में बीरेंद्र सिंह ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बात कर यात्रा शुरू की है। कांग्रेस के साथी इस यात्रा में चल रहे हैं, लेकिन बहुत से साथियों में यह भ्रम है कि इस यात्रा में जाएं या न जाएं। यह उन पर निर्भर करता है। जो जाना चाहते हैं, वह मिले। जो नहीं जाना चाहते वह छह–सात माह इंतजार कर लें। उन्हें भी पता लग जाएगा। हमें भी पता लग जाएगा। कितने कांग्रेसी अभी भी यात्रा से बाहर हैं।
- यात्रा की सोची जब नहीं था संगठन: उन्होंने कहा कि वह यह बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बृजेंद्र सिंह ने यह बात सोची, उस टाइम कांग्रेस का संगठन नहीं था। वह कहने लगे कि संगठन तो पता नहीं कब बनेगा। 11 साल में नहीं बना। यह बातें बड़ी सोच की हैं। हम यहां मीटिंग कर रहे हैं। अगर कांग्रेस का संगठन होता तो कांग्रेस के दफ्तर भी होते। उनमें सभी सुविधाएं भी होतीं। यह भी नहीं हुआ।

नारनौल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह (बाएं) व अन्य।
- अब गाड़ी चल पड़ी: उन्होंने कहा कि इसके भी अनेक कारण हैं, लेकिन अब संगठन की गाड़ी चल पड़ी है। जिला अध्यक्ष सत्यवीर यादव की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा- युवा हैं। अभी शुरूआती काम है। इतना आसान नहीं है। मुझे लगता है कि आहिस्ता-आहिस्ता हमारे कांग्रेस से जो लोग हैं, थोड़े बहुत सक्रिय रहे हैं या सक्रिय नहीं हुए तो अब सक्रिय होना शुरू हो गए। कार्य क्षमता अपने आप बढ़ेगी।
- पहले दो बार हो चुकी कांग्रेस की स्थिति खराब: उन्होंने कहा कि कांग्रेस में दो बार ऐसी परिस्थिति थी, जब कांग्रेस में बोलने वाले ज्यादा होते थे, सुनने वाले कम होते थे। मैं यह नहीं कह रहा कम होते थे, होते ही नहीं थे। 1977 में जब कांग्रेस की हार हुई, खासतौर पर उत्तरी भारत में, तो कहा गया कांग्रेस को उठाओ। जब कांग्रेस विरोधी हवा बनी थी और हमारे जिले के अध्यक्ष ही कांग्रेस छोड़कर चले गए थे। उस वक्त मैं युवा का जिला अध्यक्ष था।

नारनौल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ कांग्रेस जिला प्रधान सत्यवीर यादव, महिला जिला प्रधान डॉ. राजवती यादव, आदि नेता मौजूद थे।
पूर्व विधायक बोले- संभलकर बयान दें, नहीं तो भाजपा चौथी बार आएगी वहीं, बैठक में पूर्व एमएलए राधेश्याम शर्मा ने कांग्रेस प्रभारी पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उन्हें सोच समझकर कांग्रेसी नेताओं के लिए बयान देने होंगे, अन्यथा चौथी बार भी प्रदेश में भाजपा सरकार आ जाएगी। मौके पर जिला अध्यक्ष सत्यवीर यादव और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. राजवंती यादव मौजूद रहे।

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