.
जारी प्रखंड के सीसीकरमटोली पंचायत अंतर्गत रेंगारी गांव के ग्रामीणों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुश्किल को मात दी जा सकती है। प्रशासन की लापरवाही और वर्षों से अधूरी पड़ी मांग के बीच ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान के बल पर दो किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कर एक नई मिसाल कायम कर दी। इस अद्भुत सामूहिक प्रयास का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक के करकमलों से किया गया। उन्होंने नारियल फोड़कर और फीता काटकर सड़क का लोकार्पण किया। मौके पर पूरे गांव में जश्न का माहौल था।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी खुशी से झूम उठे, क्योंकि जिस सड़क का सपना उन्होंने वर्षों से देखा था, आज वह अपनी मेहनत से हकीकत में बदल गया। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से रेंगारी गांव तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक कच्चा रास्ता था, जो बरसात में कीचड़ से भर जाता था। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार प्रखंड और जिला प्रशासन से लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अंततः ग्रामीणों ने ठान लिया कि अब इंतजार नहीं, अब निर्माण खुद करेंगे। गांव के युवाओं ने घर-घर जाकर चंदा एकत्र किया और महिलाओं ने भी पूरे उत्साह से सहयोग दिया। मजदूर, किसान और छात्र सबने मिलकर सामूहिक श्रमदान के जरिए सड़क निर्माण का काम शुरू किया।
महज कुछ हफ्तों की मेहनत में सड़क बनकर तैयार हो गई। उद्घाटन समारोह में जिप सदस्य दिलीप बड़ाइक ने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने यह दिखा दिया कि असली विकास जनता की एकजुटता और मेहनत से होता है, न कि सिर्फ सरकारी योजनाओं से। रेंगारी गांव ने पूरे जिले को आत्मनिर्भरता और एकता का संदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस सड़क को पंचायत योजना में शामिल कर आगे पक्कीकरण और जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
