मुजफ्फरपुर में ‘मोन्था’ तूफान का असर दिख रहा है। गुरुवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिससे ठंड का एहसास होने लगा है। बारिश के चलते खेत में खड़ी धान की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
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पूसा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक तूफान के प्रभाव से आने वाले दिनों में जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी और तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे मौसम में ठंडक और नमी दोनों का असर बढ़ेगा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि तूफान के कारण 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवाएं चलेंगी। गरज के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा और वैशाली जिलों में तूफान का असर सबसे अधिक रहेगा। पिछले 24 घंटे में मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान 33.2°C और न्यूनतम तापमान 22°C दर्ज किया गया।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को आगामी तीन दिनों तक फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। धान की कटाई करने वाले किसान अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो। आलू और सरसों की बुआई करने वाले किसान 2 नवंबर तक रोपाई टाल दें।
खेतों में बिजली कड़कने के दौरान काम करने से बचें और मवेशियों को खुले स्थानों से दूर रखें। खुले खेतों में पुआल और भूसे को ढककर रखें। ताकि तेज हवा या वर्षा से भीगने का खतरा न रहे। इस बारिश का लाभ रबी फसलों को होगा, लेकिन अगर तेज हवाएं चलती रहीं तो सब्जियों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
बारिश के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी
डॉ. ए. सत्तार (वरीय मौसम वैज्ञानिक, पूसा विश्वविद्यालय) ने बताया कि यह प्रभाव 1 नवंबर तक रहेगा। उसके बाद बारिश का सिलसिला थमेगा और 2 नवंबर से तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि, इन तीन दिनों में मौसम पूरी तरह सुहावना रहेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
लोगों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान यात्रियों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही बाहर निकलें। गरज-तड़क के दौरान खुले स्थानों पर मोबाइल या लोहे के उपकरणों का उपयोग न करें। जरूरत पड़ने पर ही वाहन लेकर निकलें, क्योंकि कुछ जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है।
