बालोतरा शहर सहित जसोल व गिड़ा थाना क्षेत्र में रहवासीय मकानों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और वाहन चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। तीनों थानों में गठित पुलिस टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ कर पूछताछ की तो आधा दर्जन से अधिक वारदात करना कबू
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एसपी रमेश ने बताया कि ऑपरेशन अश्ववेग के तहत बालोतरा, जसोल व गिड़ा थाना क्षेत्र में घटित 5 चोरी की वारदातों में आरोपियों की धरपकड़ को लेकर तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने कुल 7 आरोपी दिनेश, अशोक, दीपक, पठान, गणेश, अनिल और लाखाराम को गिरफ्तार किया। वहीं 6 चुराई बाइक को बरामद कर लिया।
बालोतरा जिले की जसोल, गिड़ा और बालोतरा पुलिस ने टीमों ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सोने-चांदी के आभूषण चुरा कर बेचें
थानाधिकारी चेलसिंह ने बताया – बालोतरा शहर निवासी सफी मोहम्मद के घर से 28 अगस्त को चोर सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चोरी कर ले गए। इस पर मामले में आरोपी अशोक पुत्र रमेश कुमार निवासी रामसरिया, बायतु भोपजी, दिनेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी हेमसागर कॉलोनी, बालोतरा, दीपक पुत्र भंवरलाल निवासी रातानाडा खेड़ व पठानखां पुत्र शेरू खां निवासी वार्ड नंबर 01, बालोतरा को गिरफ्तार किया। चोरी के गहने बाड़मेर के शास्त्री नगर निवासी गणेश कुमार पुत्र चंपालाल सोनी को बेचना बताया।
जेवरात खरीददार भी गिरफ्तार
इस पर आरोपी गणेश को पूछताछ करने पर उसने जेवरात गला कर अनिल मराठा को बेचना स्वीकार किया। इस पर अनिल औताड़े पुत्र बालकिशन मराठा निवासी शास्त्रीनगर, बाड़मेर को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेवरात बरामद किए। इसी तरह शहर निवासी रसूल खां की कार आरोपी पठान खां ने साथी अशोक, दीपक व लाखाराम पुत्र खेताराम निवासी चौरालिया शहर के साथ मिलकर चोरी की।

पुलिस चोरों से पूछताछ कर रही है। इनसे और भी चोरी की वारदात का खुलासा होने के आसार है।
चोरी किए गए माल का किया बंटवारा
4 सितंबर की रात को गिड़ा निवासी चैनाराम के मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चोरी कर ले गए थे। इसमें आरोपी लाखाराम ने साथी अशोक कुमार व दिनेश के साथ मिलकर वारदात कर माल का बंटवारा करना स्वीकार किया। आरोपियों ने 13 सितंबर की देर रात को बाइक के गोदाम से 4 बाइकें भी चोरी की थी। आरोपी अशोक आला दर्जे का नकबजन है, जो पूर्व में भी कई मामलों में जेल जा चुका है। जेल से छूटते ही वापस चोरी के लिए साथियों के साथ सक्रिय हो जाता था।

टीमों ने चुराई 6 बाइक और सोने-चांदी के आभूषण भी किए बरामद।
लाखाराम पेशेवर नकबजन व वाहन चोर है। आरोपी ने गिरोह के सदस्य अशोक व दिनेश को बालोतरा से बुलाकर अपने पड़ोसी के मकान में नकबजनी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी अशोक के खिलाफ पूर्व में बालोतरा व गिड़ा थाना में 8 प्रकरण दर्ज हो रखे हैं। वहीं लाखाराम के खिलाफ पूर्व में बालोतरा, जसोल व गिड़ा थाने में 7 प्रकरण दर्ज है। आरोपी पठान खां शातिर नकबजन है, इसने अपने चाचा सफी मोहम्मद के घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वहीं इससे पहले सगे चाचा रसूल खां की कार को साथियों के साथ मिलकर चोरी कर चुका है। आरोपी दीपक अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए गैंग से जुड़ा था। अन्य आरोपी दिनेश पालीवाल भी सक्रिय सदस्य है, जो चोरी के लिए वाहन उपलब्ध करवाता था। आरोपी पठान खां के खिलाफ पूर्व मेंं बालोतरा थाना में दो प्रकरण तो दीपक के खिलाफ बालोतरा व गिड़ा थाना में तीन प्रकरण दर्ज है।
वहीं दिनेश के खिलाफ बालोतरा, गिड़ा व जसोल में तीन प्रकरण दर्ज है।
इस टीम ने की कार्रवाई
बालोतरा थाना के एएसआई हनुमानराम प्रजापत, पुरखाराम, हैड कांस्टेबल गणेशाराम, मोटाराम, कांस्टेबल सुखदेव, देवाराम, जेताराम, घनश्याम, जसोल थाना के एएसआई रूपसिंह, हैड कांस्टेबल जैसाराम, कांस्टेबल मांगीलाल, आदेश, महावीरसिंह, प्रकाश व गिड़ा थाना के एएसआई हरफूलसिंह, कांस्टेबल बाबूलाल, देबूसिंह व भंवरसिंह शामिल रहे। वारदातों के खुलासे में अहम भूमिका एसपी ऑफिस में कार्यरत कांस्टेबल मिश्रे खां की रही।
