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पंजाब में अगले बजट से महिलाओं को ₹1000 मिलेंगे: तरनतारन चुनावी रोड-शो में सीएम मान की घोषणा; मजीठिया पर बोले- अब जेल में सिरहाना मंगाता है – tarn-taran News

पंजाब में अगले बजट से महिलाओं को ₹1000 मिलेंगे:  तरनतारन चुनावी रोड-शो में सीएम मान की घोषणा; मजीठिया पर बोले- अब जेल में सिरहाना मंगाता है – tarn-taran News


तरनतारन उप-चुनावों के लिए रोड शो के दौरान सीएम भगवंत मान।

पंजाब में महिलाओं को अगले बजट से 1000 रुपए महीना मिलना शुरू हो जाएगा। ये घोषणा सीएम भगवंत मान ने तरनतारन में चुनावी रोड शो के दौरान की है। सीएम भगवंत मान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के प्रमोशन के लिए तरनतारन पहुंचे थे। इस दौरान उन्हों

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सीएम भगवंत मान ने कहा कि पहले बिजली के बिल माफ किए हैं, स्कूलों की फीस बच्चों की बच रही है। 5 हजार रुपए यहां से बच रहे हैं। युवाओं को नौकरियां भी दी हैं। पंजाब को चलाने की जिम्मेदारी हमारी है। हमें देखना पड़ता है, किस हिसाब से किसे क्या देना है। हमने माताओं-बहनों को वादा किया है कि 1000 रुपए देने का। अगले बजट हम महिलाओं को 1000 रुपए दे देंगे। हमनें 5 साल में वादे पूरे करने की बात कही थी। वे हम करके देंगे।

तरनतारन में चुनावी रोड शो को संबोधित करते सीएम भगवंत मान।

सीएम ने अकाली दल पर भी साधा निशाना इस दौरान सीएम भगवंत मान ने अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने सांसद हरसिमरत बादल के उस बयान पर भी तंज कसा, जिसमें हरसिमरत ने कहा था कि उनकी सरकार के समय चिट्‌टे का नामों निशान भी नहीं था, पर तंज कसा। मान ने कहा कि तब मजीठिया को चिट्‌टे के नाम से जाना जाता था। मजीठिया का नाम चिट्‌टे की जगह प्रयोग होता था, मजीठिया पूड़ी।

पहले हरसिमरत बादल ने बोला था कि जो चिट्‌टा बेचता है, उसका कुछ ना रहे। सच में अब बिक्रम मजीठिया का कुछ नहीं रहा। जेल में सिरहाना मंगाता है।

आप विधायक के निधन के बाद खाली हुई थी सीट तरनतारन सीट AAP विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। 11 नवंबर को वोटिंग और 14 नवंबर को मतगणना होगी। सभी प्रमुख चार पार्टियां अपने उम्मीदवार मैदान में उतार चुकी हैं। इनमें AAP से हरमीत सिंह संधू, कांग्रेस से करणबीर सिंह बुर्ज, अकाली दल से सुखविंदर कौर रंधावा और भाजपा से हरजीत सिंह संधू चुनाव लड़ रहे हैं।

इसके अलावा अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे ने सुधीर सूरी हत्याकांड के आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी के भाई मनदीप सिंह को उम्मीदवार बनाया है।

आम आदमी पार्टी और भाजपा के उम्मीदवार नामांकन भरते हुए। फाइल फोटो

आम आदमी पार्टी और भाजपा के उम्मीदवार नामांकन भरते हुए। फाइल फोटो

तरनतारन सीट का रुझान…

  • इस सीट पर अब तक हुए 6 चुनाव: 1997 से लेकर 2022 तक इस सीट पर 6 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इतने समय में इस सीट पर ये पहला उपचुनाव है। ये चुनाव इसलिए भी इंट्रस्टिंग होने वाला है, क्योंकि बीते 2 लोकसभा चुनावों और दो विधानसभा चुनावों में लगातार वोटर अपना रुझान बदलते दिखे।
  • 2017 तक इस सीट पर अकाली दल का कब्जा: 1997 में इस सीट पर अकाली दल ने जीत दर्ज की थी। लेकिन 2002 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे हरमीत सिंह संधू ने जीत हासिल की और अकाली दल में ही विलय किया। 2017 तक अकाली दल का इस सीट पर कब्जा रहा। तब अकाली दल 48 फीसदी वोट हासिल कर रहा था।
  • अकाली दल का वोट प्रतिशत गिरा: 2017 में अकाली दल के डाउनफॉल के साथ ही तरनतारन सीट भी हाथ से निकल गई। अकाली दल का वोट परसेंट 34 फीसदी के करीब पहुंच गया। जबकि कांग्रेस जो तकरीबन 37 फीसदी वोट हासिल कर रही थी, वे 45 फीसदी तक पहुंच गई।
  • 2022 में AAP ने 40% वोट हासिल किए: 2022 में आम आदमी पार्टी की हवा का असर यहां भी दिखा। AAP ने 40 फीसदी वोट हासिल कर जीत दर्ज की। बीते चुनावों में जीत दर्ज करने वाली अकाली दल व कांग्रेस दोनों का वोट प्रतिशत नीचे गिरा।्र
  • जीत हासिल करने के लिए 40 फीसदी से अधिक वोट चाहिए : बीते 6 चुनावों के मुताबिक, इस सीट पर वही उम्मीदवार जीता, जिसे 40 फीसदी से अधिक वोट मिले। 2022 में AAP ने 40.45 फीसदी, 2017 में कांग्रेस ने 45.1 फीसदी, 2012 में अकाली दल ने 41.6 फीसदी और 2007 में भी अकाली दल ने 48.7 फीसदी वोट हासिल किए थे और जीत दर्ज की थी।
  • सत्ता में रहते हुए भी AAP रही थी तीसरे स्थान पर : इस सीट पर सबसे लेटेस्ट चुनाव 2024 में लोकसभा का हुआ। तरनतारन विधानसभा खडूर साहिब लोकसभा सीट का हिस्सा है। सत्ता में रहते हुए AAP यहां तीसरे स्थान पर रही थी। अमृतपाल सिंह ने सबसे ज्यादा इस सीट पर 44,703 वोट हासिल किए थे। जबकि कांग्रेस को 20,193, AAP को 18,298 और अकाली दल को 10,896 वोट मिले थे।

अकाली दल का किला 2017 में हुआ ध्वस्त तकरीबन तीन दशकों तक तरनतारन को अकाली दल का गढ़ माना जाता रहा। लेकिन 2017 से यहां के वोटरों का रुझान बदलना शुरू हुआ। 2017 में अकाली दल का किला गिरा तो कांग्रेस ने यहां से बढ़त हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस आगे रही। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने यहां जीत हासिल की। लेकिन 2024 में यहां के वोटरों का रुझान एक बार फिर बदल गया। 2024 लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ा। जेल में बंद अमृतपाल सिंह ने यहां ना प्रचार किया और ना ही वोट मांगे। लेकिन 1.97 लाख वोटों से जीत दर्ज कर सांसद बने।

तरनतारन चुनाव का शेड्यूल और उम्मीदवारों की लिस्ट…



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