दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम अचानक तकनीकी खराबी की चपेट में आ गया। महज कुछ मिनटों में ही करीब 200 उड़ानें प्रभावित हुईं। कई विमान रनवे पर ही खड़े रह गए और सैकड़ों
.
अमृतसर में तकरीबन 10 के करीब फ्लाट्स जो दिल्ली से आ रही थी या जाने वाली थी, प्रभावित हुई। एयर इंडिया व इंडिगो ने एडवाइजरी जारी की है कि दिल्ली के लिए फ्लाइट्स पकड़ने से पहले समय को लेकर पूछताछ कर लें। फिलहाल अधिकतर फ्लाइट्स 2 से 4 घंटे की दूरी से चल रही हैं।
अमृतसर से उड़ान भरने वाली इंडिगो- फ्लाइट 6ई2506 सुबह 6.05 बजे की जगह 7.08 बजे रवाना हुई। सुबह 7.55 बजे जाने वालली एयर इंडिा की फ्लाइट ए.आई.1884 दोपहर 1 बजे रवाना हुई। सुबह 10.30 बजे जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई496 सुबह 10.30 बजे जाने की जगह 11.45 बजे रवाना हुई।
सुबह 10.40 बजे रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई6848 सुबह 10.40 बजे की जगह 1.20 बजे जा सकती है। वहीं एयर इंडिया की एआई492 सुबह 1.20 बजे जाने की जगह 1.50 बजे रवाना हो सकती है। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट के प्रभावित होने के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट की कई फ्लाइट्स देरी से आ रही हैं और देरी से ही रवाना भी हो रही हैं।
एयर इंडिया, इंडिगो, विस्तारा समेत सभी प्रमुख एयरलाइनों ने यात्रियों को मैसेज भेजकर जानकारी दी कि “ATC सिस्टम में तकनीकी दिक्कत आई है, जिसके चलते उड़ानों में देरी हो रही है।”
अमृतसर एयरपोर्ट।
क्या है ATC सिस्टम और क्यों इतना जरूरी है?
एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC सिस्टम आसमान का ‘ट्रैफिक पुलिस’ है। इसका काम जमीन से हजारों फीट ऊपर उड़ रहे विमानों की दिशा, ऊंचाई और दूरी को इस तरह नियंत्रित करना होता है कि दो विमान आपस में न टकराएं। यह एक तरह से हवाई यात्रा का ‘ब्रेन’ है, जो हर सेकंड यह तय करता है कि कौन-सा विमान कब उड़ान भरेगा, कौन-सा उतरेगा और किस दिशा में जाएगा।
कैसे काम करता है ATC सिस्टम?
ATC तीन मुख्य हिस्सों में काम करता है—
1. रडार और सैटेलाइट सिस्टम: ये हर विमान की स्थिति, ऊंचाई और रफ्तार पर नजर रखते हैं।
2. कंट्रोलर्स और कम्युनिकेशन: हर पायलट रेडियो के जरिए कंट्रोलर से संपर्क में रहता है। वही बताता है कि विमान को किस दिशा में मुड़ना है या कब लैंड/टेकऑफ करना है।
3. कोऑर्डिनेशन सिस्टम: अगर कई विमान एक साथ लैंडिंग या टेकऑफ की लाइन में हों, तो ATC उन्हें सुरक्षित क्रम में रखता है ताकि कोई हादसा न हो।
दिल्ली में क्या हुआ?
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट के ATC सिस्टम में अचानक तकनीकी गड़बड़ी आ गई। कुछ मिनटों के लिए रडार अपडेट और फ्लाइट डेटा ट्रांसफर रुक गया। इस वजह से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं। करीब 100 से ज्यादा उड़ानें लेट हुईं, कुछ को दूसरे शहरों में डायवर्ट करना पड़ा और कई विमान रनवे पर खड़े रहे।
विस्तारा, एयर इंडिया और इंडिगो ने सोशल मीडिया पर कहा कि तकनीकी खराबी का असर पूरे नॉर्थ रीजन के हवाई नेटवर्क पर पड़ा है।
जैसे ही मुख्य सिस्टम फेल हुआ, बैकअप सिस्टम सक्रिय कर दिया गया। इससे विमानों की ट्रैकिंग और कम्युनिकेशन दोबारा शुरू हो सके और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी और DGCA की टीमें तुरंत टेक्निकल जांच में जुट गईं।
क्यों ठप हुआ तो ठहर गया पूरा एयरपोर्ट?
दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। यहां से रोजाना लगभग 1,200 उड़ानें आती-जाती हैं। भारत में हर दिन करीब 7,000 उड़ानें होती हैं। ऐसे में एक एयरपोर्ट का सिस्टम ठप होने से पूरा नेटवर्क प्रभावित हो जाता है। दिल्ली का ATC सिस्टम सिर्फ राजधानी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हवाई यातायात का केंद्र है और इसके ठप होते ही पूरा एयर ट्रैफिक असंतुलित हो जाता है।
