आहलुवाला और जड़ोदा गांव के पास कैमरा में कैद हुआ तेंदुआ।
यमुनानगर में मंगलवार की रात को आहलुवाला और जड़ोदा गांव के पास एक तेंदुआ दिखाई दिया है, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। तेंदुआ जड़ोदा के जंगल की आउटर लाइन पर देर रात तक करीब चार घंटे तक बैठा रहा, जिसे ग्रामीणों ने अपने मोबाइल कैमरा में कैद किया।
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ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस व वाइल्ड लाइफ को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को अपने घरों में रहने को कहा। वहीं मौके पर पहुंची वाइल्ड लाइफ की टीम ने भी ग्रामीणों को तेंदुए के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी। तेंदुआ इस इलाके में कैसे पहुंचा अभी इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस जानवर को इस जंगल के पास देखा है।
तेंदुए की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीण।
झाड़ियों में छिपकर बैठा था
ग्रामीण मानिक ने बताया कि वह रात को करीब सात बजे अपने दोस्तों के साथ जंगल के पास आया था। इस दौरान उन्होंने देखा कि झाड़ियों में कोई जानवर बैठा हुआ है। उन्हें लगा कि शायद कोई कुत्ता यहां आया होगा। जब हलचल काफी बढ़ गई तो उन्होंने लाइट जलाकर देखा तो सामने तेंदूआ था।
तेंदुए को देख उन सभी के होश उड़ गए। वह तुंरत भागकर अपनी गाड़ी में बैठे और उसे कैमरे में कैद किया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस व वाइल्ड लाइफ विभाग को दी। मौके पर दोनों टीमें पहुंच गई। मानिक ने बताया कि वाइल्ड लाइफ की टीम मौके पर तो आई, लेकिन तेंदुए को पकड़ा नहीं।

जानकारी देते हुए वाइल्ड लाइफ विभाग कलेसर वन रक्षक हरीश धीमान।
आबादी से मात्र 400 मीटर की दूरी पर
इस जंगल एरिया से आबादी मात्र 400 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में कई लोग सुबह के समय काम से खेतों की तरफ आते हैं तो यह उनके लिए खतरा है। वहीं रात को अगर यह तेंदुआ आबादी के बीच घुस आया तो बड़ा खतरा बन सकता है। तेंदुआ देखते में पूरा व्यस्क है। जड़ोदा का यह जंगल करीब दो किलोमीटर एरिया में फैला हुआ है।
वाइल्ड लाइफ विभाग कलेसर वन रक्षक हरीश धीमान ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक तेंदुआ आहलुवाला गांव के पास दिखाई दिया है। वे मौके पर पहुंचे हैं। तेंदुए ने अभी कोई नुकसान नहीं किया है। रेस्क्यू के लिए वे उच्च अधिकारियों से बातचीत करेंगे। पहाड़ी एरिया से अक्सर जंगली जानवर उतरकर नीचे आते रहे हैं। शिवालिक की बैल्ट के आसपास इनका देखा जाना आम बात है।
