महेंद्रगढ़ में प्रशासन की अतिक्रमण पर चल रही कार्रवाई का विरोध करते हुए दुकानदार।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान 16 दुकानदारों पर कुल 5 लाख 70 हजार रुपए के चालान किए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई का व्यापारियों ने जमकर विरोध किया, नारेबाजी की और तहसीलदार का घेराव भी किया।
.
यह अभियान तहसीलदार अजय कुमार के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें नगर पालिका और पुलिसकर्मी भी शामिल थे। टीम के बाजार पहुंचते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपना सामान अंदर रखने लगे, जबकि रेहड़ी चालक अपनी रेहड़ियां लेकर इधर-उधर भागते नजर आए।
सड़कें राहगीरों के लिए: तहसीलदार तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि सड़कें राहगीरों और वाहनों के आवागमन के लिए हैं, न कि अतिक्रमण के लिए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने सड़क या फुटपाथ पर कब्जा कर रखा था। किसी को नाजायज तंग नहीं किया जा रहा, बल्कि लोगों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।
नगर पालिका ने घर के अंदर जाने वाली सीढ़ियों का भी चालान किया।
व्यापारियों ने बताया अनुचित, सीढ़ियों पर भी चालान से नाराजगी वहीं, व्यापारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताया। सर्राफा व्यापारी हंस कुमार सोनी ने कहा कि दुकानों पर चढ़ने-उतरने के लिए बनाई गई सीढ़ियों का भी 40-40 हजार रुपए का चालान किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि वे किस सीमा तक सीढ़ियां बना सकते हैं।
व्यापार मंडल ने भी जताया विरोध व्यापारी पुरुषोत्तम ने कहा कि कई दुकानों की ऊंचाई अधिक होने के कारण सीढ़ियां आवश्यक हैं। ऐसे में सीढ़ियों पर चालान करना अनुचित है। महेंद्रगढ़ व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने भी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि व्यापारियों को पहले नोटिस देकर समझाना चाहिए था।
प्रशासन का पक्ष: लोगों की सुविधा के लिए हटाया जा रहा अतिक्रमण तहसीलदार अजय कुमार ने कहा कि शहर के बाजारों से अतिक्रमण हटाने का उद्देश्य राहगीरों और वाहनों के आवागमन को सुगम बनाना है। जिन लोगों ने सड़क पर सामान रखा हुआ था, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
