‘6 दिसंबर (2025) को 12 बजे ही बाबरी मस्जिद का शिलान्यास होगा। मुसलमानों का सेंटिमेंट टूटा है, कुछ तो करना पड़ेगा। 1992 में जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी, उनमें हिम्मत है तो मुर्शिदाबाद में आकर गिरा दें।‘
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मुर्शिदाबाद के भरतपुर से TMC विधायक हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल में बाबरी नाम से मस्जिद बनाने का दावा कर रहे हैं। हुमायूं कहते हैं कि जिस दिन अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, उसी तारीख पर यानी 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में वे बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करेंगे। उनके समर्थकों ने मुर्शिदाबाद में कई जगहों पर शिलान्यास के पोस्टर भी लगाए हैं।
इसके जवाब में BJP और एक हिंदूवादी संगठन ने मुर्शिदाबाद में ही अयोध्या की तर्ज पर दो अलग-अलग राम मंदिर बनाने का दावा किया है। BJP का ये भी कहना है कि कोई भी अपनी जमीन पर मस्जिद बना सकता है, लेकिन बाबर के नाम पर इस देश में मस्जिद नहीं बनेगी।
जिस मुर्शिदाबाद में मस्जिद और मंदिर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वो बांग्लादेश के बॉर्डर वाला संवेदनशील इलाका है। इसी साल अप्रैल में वक्फ कानून के खिलाफ हुए प्रोटेस्ट के दौरान यहां हिंसा भड़की थी, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई थी।
25 नवंबर को TMC विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि हम 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे। 3 साल में इसका निर्माण पूरा होगा। कार्यक्रम में कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे।
बंगाल में अप्रैल 2026 में चुनाव भी होने हैं। ऐसे में मुर्शिदाबाद में मंदिर-मस्जिद पर बयानबाजी क्या चुनावी रणनीति का हिस्सा है? हुमायूं कबीर इस ऐलान के जरिए क्या साधने की कोशिश कर रहे? TMC और BJP इसे लेकर क्या सोचती हैं? दैनिक भास्कर ने विधायक हुमायूं कबीर, पॉलिटिकल पार्टियों और सीनियर जर्नलिस्ट से बात कर ये समझने की कोशिश की।
सबसे पहले हुमायूं कबीर और उनके दावों की बात… बाबरी मस्जिद बनना तय, किसी को नाम पर एतराज क्यों पूरे विवाद के केंद्र में भरतपुर से TMC विधायक हुमायूं कबीर हैं। वे इससे पहले कांग्रेस और BJP में भी रह चुके हैं। बाबरी मस्जिद बनाने के दावों को लेकर हमने हुमायूं से बात की। वे दावा करते हैं कि जगह पहले से तय है और निर्माण निश्चित रूप से होगा। हुमायूं ने पहले बेलडांगा में मस्जिद के लिए जो जगह देखी थी, उसे जमीन मालिक ने देने से मना कर दिया। अब वे नई जगह तलाश रहे हैं।
हुमायूं कहते हैं, ‘सभी जगह देख ली है। जमीन के छह हिस्सेदार हैं। उनमें से चार देने को तैयार हैं, लेकिन दो नहीं। इनमें लोकल TMC विधायक हसनुज्जमां शेख, रबीउल आलम चौधरी और उनके बेटे पुलिस की मदद से जमीन देने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पहले एक जगह विरोध हुआ तो मैंने वहां मना कर दिया।‘
बाबरी नाम को लेकर विवाद के सवाल पर हुमायूं कहते हैं, ‘नाम पर आपत्ति कैसे है? अगर मेरा बेटा पैदा हो तो मैं उसका क्या नाम रखूं, ये बताने वाली BJP कौन होती है।‘ अपनी ही पार्टी के साथ न देने पर हुमायूं कहते हैं, ‘पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी का सिद्धांत मानूंगा, लेकिन ये मेरे कौम का मामला है। कौम के लोग मदद कर रहे हैं, पार्टी का बोलना मेरे लिए अहमियत नहीं रखता।’

‘100 मुसलमान शहीद होंगे तो 500 को ले जाएंगे‘ मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर मीडिया से बात करते हुए 28 नवंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने एक और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘जो कोई उन्हें रोकने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। अगर 100 मुसलमान शहीद होंगे तो वे अपने साथ 500 लोगों को ले जाएंगे।‘
हुमायूं कबीर पहले भी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के समय मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर में हुमायूं कबीर ने एक जनसभा में कहा, ‘मैं राजनीति छोड़ दूंगा अगर दो घंटे में तुम्हें (हिंदुओं को) भागीरथी नदी में डुबो न दिया। तुम 30% हो, हम 70% (मुस्लिम) हैं। मैं तुम्हें शक्तिपुर में रहने नहीं दूंगा।‘
इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। वहीं TMC ने इस बयान से दूरी बना ली थी, लेकिन कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई।

TMC बोली- उस विधायक का कोई मोल नहीं, SIR पर फोकस TMC पहले ही हुमायूं कबीर के बयान से किनारा कर चुकी है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी कहते हैं, ‘हम हुमायूं कबीर के बयानों को तवज्जो नहीं देते। उस विधायक का कोई मोल नहीं है। पश्चिम बंगाल में लोग सिर्फ एक ही व्यक्ति से प्यार करते हैं और उसी पर भरोसा करते हैं। वो ममता बनर्जी हैं। पार्टी उन्हीं के नाम पर चलती है।‘
पार्टी में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी सोर्स ने बताया कि अभी हुमायूं कबीर के मुद्दे को पार्टी तूल नहीं देना चाहती। SIR अभी बड़ा मुद्दा है। इसलिए हुमायूं कबीर पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा।
सोर्स के मुताबिक, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के संज्ञान में मामला लाया गया है, लेकिन एक्शन नहीं होगा।
हुमायूं कबीर पर कार्रवाई करने पर BJP इस मुद्दे को तूल देगी। इसीलिए फिलहाल कोई नोटिस भी जारी नहीं किया जाएगा। पार्टी ने अपने सभी ऑफिशियल प्रवक्ताओं को इस पर बोलने से बचने की हिदायत दी है।

26 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में राम मंदिर का शिलान्यास TMC भले ही इस मामले को तवज्जो न दे रही हो, लेकिन BJP इसे लेकर TMC को लगातार घेर रही है। मुर्शिदाबाद में BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष शाखारव सरकार ने जिले में ही राम मंदिर बनाने की बात कही है। हमने शाखारव सरकार से बात की। वे कहते हैं कि बाबरी नाम की मस्जिद मंजूर नहीं है।
हुमायूं कबीर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शाखारव कहते हैं, ‘भारत में कोई बाबरी मस्जिद नहीं बनाना चाहता है। आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। बाबर की मस्जिद मुर्शिदाबाद में नहीं बनेगी। इब्राहिम लोधी भारतीय मुस्लिम थे, उनका कत्ल कर दिया गया। मस्जिद बनानी है, तो अबुल कलाम, नजुल इस्लाम, रिजवान करीम या जामा मस्जिद के नाम पर बने।’
शाखारव ने 26 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में राम मंदिर का शिलान्यास करने का दावा किया है।

आक्रमणकारी के नाम पर मस्जिद बनी तो विरोध होगा पश्चिम बंगाल में BJP के लीडर दिलीप घोष कहते हैं कि कोई भी अपनी जमीन पर मस्जिद बना सकता है, लेकिन बाबर के नाम पर इस देश में मस्जिद नहीं बनेगी। वो आक्रांता था। उसके नाम पर किसी ने भी मस्जिद बनाने की कोशिश की तो देशभर में विरोध होगा।
हुमायूं कबीर के बयानों को दिलीप घोष TMC की बैकग्राउंड पॉलिटिक्स बताते हैं। वे कहते हैं, ‘हुमायूं को मिनिस्ट्री चाहिए इसलिए वे इस तरह की बात कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद में मुस्लिम आबादी ज्यादा है और कम्युनल चीजें होती रहती हैं। आप उनके पिछले स्टेटमेंट देखिए। वे कहते थे कि हिंदुओं को काटकर गंगा में बहा देंगे। ऐसा बोलकर वो अटेंशन क्रिएट करते हैं। उन्हें पार्टी से बार्गेनिंग करनी है क्योंकि उन्हें मिनिस्ट्री चाहिए।‘

बाबर के नाम वाली मस्जिद का अयोध्या जैसा हाल होगा BJP की हिंदूवादी छवि वाली नेता उमा भारती ने चेतावनी दी कि बाबर के नाम पर बनी इमारत का वही हाल होगा जो अयोध्या में हुआ था। उन्होंने X पर लिखा, ‘खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे। अगर बाबर के नाम से इमारत बनी तो उसका वही हाल होगा, जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था। ईंटें तक नहीं बची थीं।‘
‘मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कहने वालों पर कार्रवाई करें। पश्चिम बंगाल और देश में अस्मिता और सद्भाव के लिए आपकी भी जिम्मेवारी है।‘
उमा भारती के एक-एक ईंट गायब वाले बयान पर विधायक हुमायूं उन्हें मुर्शिदाबाद आने की चुनौती देते हैं। वे कहते हैं कि उमा भारती को ईंट खोलने के लिए मुर्शिदाबाद आना पड़ेगा। हिम्मत है तो आकर गिरा दें। अगर तोड़ दिया तो दोबारा बनाएंगे, तीसरी बार भी बनाएंगे। हालांकि उमा भारती ने इस बयान पर कोई जवाब नहीं दिया है।

बाबरी के नाम पर मस्जिद के ऐलान पर BJP लीडर उमा भारती की X पर की गई पोस्ट।
मस्जिद को लेकर विवाद साल भर पुराना पूरा विवाद नवंबर 2024 में शुरू हुआ। तब TMC विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की छोटी प्रतिकृति बनाने की बात कही थी। जब बाबरी नाम के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया, तब उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद मुसलमानों के लिए भावनात्मक मुद्दा है।
इसके बाद दिसंबर 2024 में ही BJP ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर बनाने की बात कही। हालांकि तब भी BJP नेता शंकर घोष का कहना था कि राम मंदिर को मस्जिद के जवाब के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मंदिर संस्कृति का हिस्सा है, जबकि बाबरी मस्जिद का एक खराब इतिहास है, ये बंगाल में कैसे बन सकती है।
राम मंदिर बनाने का ऐलान करने वाला ट्रस्ट बोला- हालात बिगाड़ने की कोशिश एक हिंदूवादी संगठन बोंगियो राम सेवक परिषद ट्रस्ट ने भी दिसंबर 2024 में राम मंदिर बनाने की बात कही थी। 22 जनवरी 2025 को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को साल भर पूरा होने पर सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र के अलंकार गांव में मंदिर का शिलान्यास भी हुआ।
ट्रस्ट के प्रेसिडेंट अंबिकानंद महाराज दोबारा मस्जिद का मुद्दा उठाने को राजनीति से प्रेरित मानते हैं। वे कहते हैं, ‘ये बयानबाजी हालात बिगाड़ने के लिए हो रही है। सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर पर दिया आदेश सर्वोच्च है। बाबर की दलाली एंटी-नेशनल है। हुमायूं कबीर को एंटी-सोशल घोषित करके लॉकअप में डाल देना चाहिए। मुर्शिदाबाद सेंसिटिव इलाका है, यहां दंगे हो चुके, लेकिन मुस्लिम समुदाय अब कोई टेंशन नहीं चाहता।‘
अंबिकानंद महाराज कहते हैं कि ये फ्लिपल माइंडेड पॉलिटिशियन TMC में खराब स्थिति में है, वो अपनी नई पार्टी शुरू करने की सोच रहा है। इसके बयानों का कोई मूल्य नहीं। बाबरी मस्जिद के साथ भारतीय मुस्लिमों का कोई लेना-देना नहीं है।

अब जान लीजिए एक्सपर्ट क्या कह रहे… SIR के मुद्दे पर पिछड़ रही BJP हुमायूं को मुद्दा बनाना चाह रही इस मामले को लेकर हमने सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी से भी बात की। वे मंदिर-मस्जिद के मामले को इलेक्शन से पहले सांप्रदायिक राजनीति की कोशिश मानते हैं। वे कहते हैं कि TMC ने SIR का मुद्दा पकड़ा है, ये BJP पर भारी पड़ रहा है। इसीलिए BJP हुमायूं कबीर के मुद्दे को भुनाना चाहती है।
हालांकि प्रभाकर कहते हैं, ‘बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति का फायदा नहीं होता। 2021 के विधानसभा और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में कोशिश हुई, लेकिन वोटरों ने ठुकरा दिया।‘

TMC का रुख: कोई इत्तफाक नहीं, वोट बैंक को नुकसान हुमायूं कबीर के बयानों पर TMC की प्रतिक्रिया को लेकर प्रभाकर मानते हैं, ‘पार्टी जानबूझकर इससे दूरी बना रही है। TMC के सीनियर लीडर ये समझ गए हैं कि अंदर-खाने पार्टी इससे इत्तफाक नहीं रखती। इसीलिए इसे अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। बंगाल में SIR बड़ा मुद्दा है, ममता सरकार का फोकस उसी पर है।‘
प्रभाकर 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में माहौल बिगड़ने की आशंका जताते हैं। वे कहते हैं, ‘मुर्शिदाबाद में अप्रैल में CAA संशोधन पर दंगे, हिंसा और पलायन हुआ। BJP ने मुद्दा बनाया, लेकिन हफ्ते भर में शांत हो गया। अब BJP मस्जिद को चुनावी मुद्दा बना सकती है।‘
‘हालांकि ममता BJP की रणनीति जानती हैं, इसलिए पार्टी-सरकार स्तर पर ही इस मसले को रोकने की कोशिश करेंगी। वे हुमायूं कबीर को आखिरी मौके पर रोक सकती हैं। पहले भी हुमायूं कबीर अपनी पार्टी बनाना चाहते थे, लेकिन तब अभिषेक बनर्जी के साथ बैठक के बाद पीछे हट गए।‘ …………………..
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17 नवंबर 2025, दोपहर का वक्त, पुलिसवाले यूपी के पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को रामपुर के MP-MLA कोर्ट से जिला जेल ले जा रहे थे। पुलिस की गाड़ी से उतरकर आजम जेल के मेन गेट पर उतरे, तो मीडिया ने घेर लिया। हाथ में चश्मे का केस और बिस्किट के 2 पैकेट थे। पीछे बेटे अब्दुल्ला भी गाड़ी से उतरे। आजम से पूछा गया- फर्जी पैन कार्ड मामले में आपको 7 साल की सजा हुई है, क्या कहना चाहते हैं? जवाब में आजम ने क्या कहा? पढ़िए पूरी खबर…
