सिरोही में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया।
सिरोही में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रामझरोखा मंदिर की भूमि पर कथित तौर पर गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों को निरस्त करने की मांग को लेकर किया गया। लोढ़ा न
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धरने में भारी भीड़ उमड़ने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला।
ज्ञापन में रामझरोखा मंदिर की भूमि पर जारी सभी पट्टों को निरस्त कर जमीन मंदिर को वापस लौटाने की मांग की गई है। साथ ही, मांग की गई कि यदि कोई प्रतिफल राशि प्राप्त हुई है, तो उसे देवस्थान बोर्ड में जमा कराया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी, महिला कांग्रेस सदस्य और समर्थक उपस्थित थे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि आराध्य रामझरोखा मंदिर की भूमि पर गलत तरीके से पट्टा जारी किया गया है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह भूमि सदियों से सार्वजनिक और धार्मिक उपयोग में रही है, और इस पर किसी भी प्रकार का निजी पट्टा जारी करना कानून और परंपरा दोनों के खिलाफ है।
संयम लोढ़ा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के अडिग रुख को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस गलत पट्टे को तुरंत निरस्त नहीं किया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मंदिर भूमि का अपमान बंद करो”, “धर्म स्थल की सुरक्षा करो”, और “जनहित की मांगें पूरी करो” जैसे नारे लगाए। मौके पर माहौल शांतिपूर्ण लेकिन जोशपूर्ण बना रहा।
पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। एएसपी और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रदर्शन के समापन पर, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मंदिर भूमि पर जारी किए गए विवादित पट्टे को रद्द करने, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार, और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी मांगें शामिल थीं।
लोढ़ा ने कहा कि सिरोही शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार आवाज उठाई गई, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते आज भी कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। कांग्रेस इस आंदोलन को जनता के हक की लड़ाई मान रही है और तब तक संघर्ष जारी रहेगा जब तक उचित कार्रवाई नहीं हो जाती।
कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
धरने में भारी भीड़ उमड़ने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर नारा दिया—“धर्मस्थल की रक्षा करेंगे, जनता का अधिकार दिलाएंगे।” अंत में, संयम लोढ़ा ने कहा कि आंदोलन अभी शुरुआत है, यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस व्यापक रूप से आंदोलन करेगी।
