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जन्मदिन के 5 दिन बाद पूर्व विधायक का निधन: थानेसर से अपने पहले ही चुनाव में जीते; BJP की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे – Kurukshetra News

जन्मदिन के 5 दिन बाद पूर्व विधायक का निधन:  थानेसर से अपने पहले ही चुनाव में जीते; BJP की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे – Kurukshetra News


थानेसर के पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का फाइल फोटो।

हरियाणा में कुरुक्षेत्र के थानेसर से पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार शाम 4 बजे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती थे। 7 दिसंबर को वह 85 साल के हुए थे।

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साहब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र के सेक्टर-4 में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके बेटे विनोद और तुषार सैनी एडवोकेट हैं। उनका अंतिम संस्कार कल सुबह करीब 11 बजे देवीदासपुरा के श्मशान घाट में किया जाएगा।

साहब सिंह सैनी 1982 में लोकदल के टिकट पर अपने पहले ही चुनाव में विधायक बने थे। उन्होंने 22,893 वोट हासिल करके कांग्रेस के ओमप्रकाश गर्ग को 2,195 वोटों से हराया था। इसके बाद वे कांग्रेस में भी रहे। 2014 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। अब तक वह पार्टी में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे।

साहब सिंह सैनी का फोटो। वह 85 साल के थे।

7 दिसंबर 1940 को हुआ था जन्म साहब सिंह सैनी का जन्म कुरुक्षेत्र के बाबैन खंड के फालसंडा गांव में 7 दिसंबर 1940 को हुआ था। 7 दिसंबर को वह 85 साल के हुए। इस दौरान वह अस्पताल में भर्ती थे। वह उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी पत्नी जमंत्री देवी का करीब 9 साल पहले 2016 में निधन हो गया था।

1996 में आखिरी बार चुनाव लड़ा साल 1982 में साहब सिंह पहली बार विधायक बने। तब इन्हें ग्रामीण विकास और हस्तशिल्प उद्योग का चेयरमैन भी बनाया गया। इसके बाद 1987 में इन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें लोकदल के गुरदियाल सिंह से हार का सामना करना पड़ा। फिर वे हरियाणा विकास पार्टी के संस्थापक बंसीलाल के साथ जुड़ गए। इसी पार्टी से उन्होंने 1991 और 1996 में तीसरा व चौथा चुनाव लड़ा। इन दोनों चुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ साहब सिंह सैनी का फाइल फोटो।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ साहब सिंह सैनी का फाइल फोटो।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष रहे, 2014 में भाजपा में आए साल 1996 के बाद साहब सिंह ने हरियाणा विकास पार्टी को अलविदा कह दिया और कांग्रेस में चले गए। 2004 में कांग्रेस ने इन्हें कुरुक्षेत्र से जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। 10 साल वह कांग्रेस में ही रहे। 2014 में केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।



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