चितरंगी में अधिवक्ताओं ने तीन बाद अनशन खत्म कर दिया है।
सिंगरौली के चितरंगी तहसील मुख्यालय में व्यवहार न्यायालय संचालन की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुक्रवार को खत्म हो गया।
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर अधिवक्ताओं को लिंक व्यवहार न्यायालय जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद अधिवक्ता संघ ने अनशन स्थगित कर दिया।
क्षेत्र में लिंक व्यवहार न्यायालय की रखी मांग
मंत्री राधा सिंह ने अधिवक्ताओं से चर्चा के दौरान कहा कि चितरंगी जैसे दूरस्थ अंचल के वकीलों और आम लोगों को देवसर न्यायालय तक पहुंचने के लिए लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। यह व्यावहारिक नहीं है और क्षेत्र में लिंक व्यवहार न्यायालय की सख्त आवश्यकता है।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह 12 दिसंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस विषय पर विस्तृत चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर न्यायालय संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ता संघ ने अनशन स्थगित करने की घोषणा की।
पिछले साल ही मिली थी मंजूरी, अब तक नहीं हुई शुरुआत
दरअसल, चितरंगी तहसील में व्यवहार न्यायालय संचालन को पिछले साल ही मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, आवश्यक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अभी तक न्यायालय शुरू नहीं हो सका है।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बी.पी. सिंह के नेतृत्व में यह तीन दिवसीय क्रमिक अनशन इसी देरी के विरोध में किया जा रहा था। अधिवक्ताओं ने मंत्री के समक्ष अपनी सभी समस्याएं और मांगें विस्तार से प्रस्तुत कीं।
जल्द ऐलान न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ता संघ ने अनशन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा।
