रोटरी क्लब ऑफ मोतिहारी ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज को लेकर एक सराहनीय और मानवीय अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत 50 बच्चों का नि:शुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जाएगा।
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अभियान के पहले चरण में आठ चयनित बच्चे अपने परिजनों के साथ पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित नारायणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए रवाना हो गए हैं, जहां उनका इलाज और ऑपरेशन किया जाएगा।
वीके गार्डन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
इस अवसर पर जानपुल चौक स्थित वीके गार्डन परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोटरी क्लब ऑफ मोतिहारी के अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार ने की, जबकि मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित रहे।
एसपी ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने रोटरी क्लब की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग का इलाज न केवल जटिल बल्कि अत्यंत महंगा होता है। ऐसे में रोटरी क्लब का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है, जिससे यह संदेश जाता है कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे।
पहले चरण में 8 बच्चों का निशुल्क इलाज
क्लब अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार ने बताया कि पहले चरण में चयनित आठ बच्चों का ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क कराया जा रहा है। यह अभियान रोटरी क्लब ऑफ मोतिहारी और नारायणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, हावड़ा के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. अमित कुमार हैं।
चयनित बच्चों की सूची
पहले चरण में जिन बच्चों का चयन किया गया है, उनमें बेलबनवा मुहल्ला की अलका कुमारी, रामनगर की अर्पणा कुमारी, बगहा के महापौर नूर और सोनम प्रवीण, ढाका की प्राची कुमारी, अजगरी की हेमा कुमारी, ढाका की अरीबा नाज शामिल हैं।
रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था
रोटरी क्लब द्वारा बच्चों के साथ गए उनके अभिभावकों के रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि इलाज के दौरान परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रति मरीज 4 से 5 लाख रुपए आता है खर्च
अभिमन्यु कुमार ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग के इलाज में प्रति मरीज 4 से 5 लाख रुपए तक का खर्च आता है, जो गरीब परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्लब ने यह अभियान शुरू किया है।
जरूरतमंद परिवारों से संपर्क की अपील
रोटरी क्लब ऑफ मोतिहारी ने जिले के लोगों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे को दिल की जन्मजात बीमारी है और आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो उसके पेरेंट्स रोटरी क्लब से संपर्क करें। क्लब का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के जीवन में बाधा न बने और सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
