निशु और मंजीत अमित शाह के सामने परेड को लीड करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज (24 दिसंबर) हरियाणा आ रहे हैं। वह पंचकूला में 5061 पुलिस जवानों की पासिंग आउट परेड समेत 4 कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। खास बात ये है कि परेड का नेतृत्व करने का मौका हांसी के मंजीत चहल और जींद की निशु को मिलेगा।
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निशु की कहानी भी रोचक है। 7 साल पहले पिता नरेश कुमार की मौत हो गई। मां बीना देवी ने खेतों में मजदूरी करके और सिलाई करके बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाया। निशु कहती हैं- पासिंग आउट परेड में कमांडर बनकर अगुआई करना मेरे लिए बड़ा भावुक पल होगा, क्योंकि मां दर्शक दीर्घा से मुझे देख रही होंगी। मां ने कड़ा संघर्ष किया, जिसकी बदौलत यहां तक पहुंची हूं। नौकरी के दौरान पूरी ईमानदारी से काम करूंगी।
पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मधुबन में 39 सप्ताह की ट्रेनिंग के दौरान निशु 15 इंडोर-आउटडोर एक्टिविटी में ओवरऑल टॉपर बनीं। इस वजह से परेड कमांडर बनी हैं। वहीं मंजीत चहल ने भौंडसी ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली। मंजीत ने ट्रेनिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है।
अब पढ़िए निशु के संघर्ष की कहानी….
- बीएससी-बीएड है जींद की निशु: निशु जींद जिले के निडाना गांव की रहने वाली हैं। पिता की साल 2018 में मौत हो गई थी। निशु ने जींद के ही एक कॉलेज से बीएससी नॉन मेडिकल की। फिर बीएड पास की। बीएड के बाद निशु सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी तो हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही सिलेक्शन हो गया।
- सिलाई कर उठाया परिवार का खर्च: निशु ने बताया कि मां बीना देवी ने गांव में सिलाई करके परिवार का खर्च चलाया। उनके पास एक एकड़ जमीन है, लेकिन उनकी मां ने सीजन के टाइम दूसरे किसानों के यहां भी काम किया, ताकि परिवार का खर्च चलाया जा सके।
- मां ने नहीं हारी हिम्मत: निशु ने बताया कि जब पिता की मौत हुई तो एक बार सभी को लगा था कि 5 बच्चों का गुजारा कैसे होगा, लेकिन मां ने हिम्मत नहीं हारी और सभी बहनों की पढ़ाई जारी रखी। दूसरे किसानों के खेतों में उनकी पढ़ाई के लिए मां ने मजदूरी की है। कंपटीशन एग्जाम की तैयारी के लिए भी मां ने उन्हें प्रोत्साहित किया।
- बहन क्लर्क, भाई कर रहा इंजीनियरिंग: निशु ने बताया कि उनकी बड़ी बहन पब्लिक हेल्थ विभाग में क्लर्क बनी है। एक बहन बीएड स्पेशल, दूसरी बहन बीए और छोटा भाई सोनीपत से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

पासिंग आउट परेड की तैयारी करते पुलिस के जवान।
4 पॉइंट में समझिए कौन हैं मुख्य परेड कमांडर मंजीत
- MSC पास हैं मंजीत चहल: पासिंग आउट परेड के दौरान हांसी जिले के मजहद गांव निवासी मंजीत चहल बतौर मुख्य परेड कमांडर पासिंग आउट परेड की अगवानी करेंगे। मंजीत चहल ने एमडीयू रोहतक से कम्प्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उन्होंने भिवानी के वैश्य कॉलेज से बीएससी इन कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई की है।
- किसान हैं मंजीत के पिता: मंजीत के पिता अनूप चहल पेशे से किसान हैं। जिनके पास 6 एकड़ जमीन है। मंजीत का छोटा भाई अभी ग्रेजुएशन कर रहा है। मां हाउस वाइफ हैं।
- माहौल नहीं था तो बुआ के पास भेजा: मंजीत के अनुसार गांव में पढ़ाई का माहौल नहीं था, तो पिता ने बुआ के पास भिवानी भेज दिया था। चौथी क्लास से 8 वीं तक भिवानी के स्कूल में पढ़ा। 9वीं से 12वीं तक हांसी के बाबा बंदा बहादुर स्कूल से पढ़ाई की। फिर ग्रेजुएशन के लिए दोबारा भिवानी में बुआ के पास आ गए।
- अनुशासन में रहना जॉब का ध्येय: मंजीत चहल ने बताया कि जॉब के दौरान अनुशासन में रहना उनका ध्येय है। हालांकि वे इस नौकरी के बाद अपनी आगे की जर्नी को खत्म नहीं कर रहे। आगे भी कंपटीशन की तैयारी जारी रखेंगे।

मुख्य परेड कमांडर मंजीत ने कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन की है।
पढ़ा-लिखा बैच, 4300 जवान ग्रेजुएट-पोस्ट ग्रेजुएट मधुबन की हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक डीजी एएस चावला ने बताया कि यह बैच अपनी एजुकेशनल बैकग्राउंड और बौद्धिक क्षमता के कारण खास है। कुल 5061 जवानों में 969 पोस्ट ग्रेजुएट हैं जबकि 3324 ग्रेजुएट हैं। 768 जवान 12वीं या डिप्लोमा योग्यता वाले हैं। बड़ी संख्या में जवान हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषाओं में दक्ष हैं। ऐसे में मास लेवल पर कम्युनिकेट करना, साइबर अपराध, तकनीक-आधारित पुलिसिंग में फायदा मिलेगा। भर्ती हुए जवानों में 32 जवान दूसरे राज्यों से भी हैं।
ये पुलिस का 93वां बैच, 870 महिला पुलिसकर्मी हरियाणा पुलिस में इन जवानों की भर्ती साल 2024 में हुई। जिनकी ट्रेनिंग 16 दिसंबर 2024 से पुलिस के मधुबन, सुनारियां और भौंडसी ट्रेनिंग सेंटर में हुई। ये हरियाणा पुलिस का 93वां भर्ती बैच होगा, जिसकी आज पासिंग परेड है। इसमें 870 महिला पुलिसकर्मी और 4191 पुरुष पुलिसकर्मी शामिल रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करेंगे।

