शीतलहर से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते ग्रामीण।
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड में बीते कुछ दिनों से चल रही तेज पछुआ हवा और कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अत्यधिक ठंड के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
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विशेषकर सुबह और शाम के समय ठिठुरन अधिक महसूस की जा रही है। इससे छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
चेवाड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। अत्यधिक ठंड के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जिससे बाजारों में भी जल्दी बंदी हो रही है। इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों की आय पर पड़ रहा है।
ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव के पास बैठकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूर भी सुबह काम पर निकलने से पहले अलाव तापते देखे जा रहे हैं।
नगर पंचायत द्वारा भी ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था की जा रही है, जिससे राहगीरों और जरूरतमंदों को राहत मिल सके। हालांकि, कई इलाकों में अभी भी और व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अलाव की संख्या बढ़ाने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ठंड का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। सोमवार को चेवाड़ा नगर पंचायत क्षेत्र के चौक-चौराहों पर शाम 5 बजे से देर रात 8 बजे तक लोग अलाव तापते देखे गए।
