अपने पिता के साथ माता मनसा देवी मंदिर में पूजा अर्चना करते पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल।
हरियाणा नए पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने चार्ज संभालने के बाद शुक्रवार (2 दिसंबर) को पहले वर्किंग डे की शुरुआत माता मनसा देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर की।
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इस अवसर पर वे अपने पिता ओम प्रकाश सिंघल, पत्नी सीमा सिंघल व पुत्र आदित्य सिंघल के साथ मंदिर पहुंचे और माता रानी का आशीर्वाद लेकर प्रदेश की सेवा के अपने दायित्व का शुभारंभ किया।
इससे पहले 1 जनवरी को नई जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने अपने पिता को अपनी कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया। इस दौरान उनके बेटे आदित्य सिंघल भी मौजूद रहे।
एक जनवरी को पुलिस मुख्यालय में चार्ज संभालने के बाद अपने पिता को कुर्सी पर बिठाते DGP अजय सिंघल। साथ में उनके बेटे आदित्य सिंघल भी मौजूद रहे।
यहां पढ़िए, DGP के पहले वर्किंग डे में क्या-क्या हुआ…
700 से अधिक अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक DGP अजय सिंघल ने पदभार ग्रहण करते ही राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने की दिशा में निर्णायक पहल करते हुए प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। लगभग तीन घंटे चली इस व्यापक व गहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में पुलिस आयुक्तों, रेंज IG, जिलों के पुलिस अधीक्षकों, STF अधिकारियों सहित करीब 700 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। डीजीपी सिंघल ने सभी जिलों की जमीनी स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों की जानकारी ली और उनसे इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस, व्यावहारिक और समयबद्ध “प्लान ऑफ एक्शन” तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक जिला अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, नारकोटिक्स, साइबर अपराध, फिरौती से जुड़े मामलों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य संवेदनशील मुद्दों पर अपनी कार्ययोजना दो दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में भेजेगा, जिसके लिए सभी को फॉर्मेट उपलब्ध करा दिया गया है।
हर जिले की समस्या अलग है, समाधान भी उसी अनुसार होना चाहिए अपने संबोधन में डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि हरियाणा पुलिस पूरी निष्ठा से नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन बदलती चुनौतियों के अनुरूप पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी व व्यवसायिक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं अलग-अलग प्रकृति की होती हैं और हमें उनकी जड़ों तक जाकर समाधान करना होगा, ताकि किसी भी समस्या को गंभीर रूप लेने से पहले ही समाप्त किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पुलिसिंग आप सभी जानते हैं, अब इसे प्रोफेशनल पुलिसिंग में बदलना हमारा लक्ष्य है। डीजीपी ने पुलिस आयुक्तों और रेंज आईजी को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ एसपी स्तर के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर फील्ड में आने वाली चुनौतियों की समीक्षा करें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।

पदभार संभालने के बाद DGP सिंघल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, ईमानदार पुलिसिंग पर जोर बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस उनका परिवार है और इससे जुड़ा हर अधिकारी व कर्मचारी उनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के कारण पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के लालच में न आएं और पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें जनता की सेवा का अवसर मिला है और इसी सेवा भाव से कार्य करना ही हमारी सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री की अपेक्षाएं और ‘फ्री हैंड’ का भरोसा डीजीपी ने बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा पुलिस से उच्चस्तरीय कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी पुलिसिंग की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपराध और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को पूर्ण सहयोग और फ्री हैंड दिया है, जिससे अधिकारी निर्भीक होकर कानून के अनुसार कार्य करें।
जनसमस्याओं और शिकायत निवारण पर विशेष फोकस डीजीपी अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शिकायतों की निगरानी करें। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक मजबूत, संवेदनशील एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया ताकि पीड़ित को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान मिल सके।
लापता बच्चियों के मामलों पर विशेष अभियान बैठक में जिलों में बच्चियों के लापता होने से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में विस्तृत डेटा तैयार करें और विशेष टीमें गठित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तलाशा जाए। उन्होंने इसे परम प्राथमिकता वाला विषय बताते हुए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण के विभिन्न मोर्चों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश डीजीपी ने ढाबों पर अवैध हथियार लेकर घूमने वालों, ट्रैफिक जाम की समस्या, अवैध शराब कारोबार, नशा तस्करी, गैंगस्टरों की गतिविधियों, प्रॉपर्टी अपराधों तथा अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत करने, क्षमता निर्माण, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और फील्ड स्तर पर सक्रिय पुलिसिंग को प्राथमिकता देने पर बल दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीजीपी हरदीप दून, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, आईजी राकेश आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

यहां पढ़िए, सूबे के नए पुलिस मुखिया के बारे में…
नए DGP रेवाड़ी के, दिल्ली IIT से पास आउट हरियाणा के DGP बने अजय सिंघल का रेवाड़ी जिले से नाता है। उनके पूर्वज राजस्थान से हैं। करीब 300 साल पहले पूर्वज रेवाड़ी आकर बस गए थे। उनका गुजरात से भी नाता है। जहां उनके चाचा की फैक्ट्री है। सिंघल के पिता ओपी सिंघल मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में ऑफिसर रहे। सिंघल खुद दिल्ली IIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं।
रेवाड़ी में अब परिवार से कोई नहीं रहता अजय सिंघल के एक चाचा 1980 में गुजरात शिफ्ट हो गए थे, जबकि दूसरे गुरुग्राम में रहते हैं। वर्तमान में परिवार का कोई सदस्य रेवाड़ी नहीं रहता। हालांकि, रेवाड़ी में लोग इनको हरसोरिया फैमिली के नाम से जानते हैं। डीजीपी बनने की घोषणा के बाद सिंघल ने कहा- हां मैं रेवाड़ी से हूं। अपने प्रदेश में डीजीपी बनने की कोशिश तो होती ही है।
सुर्खियों से दूर रहे, पत्नी होम मेकर अजय सिंघल सुर्खियों से दूर ही रहे हैं। उनकी पत्नी शीना होम मेकर हैं। उनके दो बेटियां व एक बेटा है। सिंघल ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विजिलेंस, रेलवे पुलिस, सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, साइबर अपराध और आंतरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में योगदान दिया है। सिंघल को वर्ष 2008 में पुलिस पदक और वर्ष 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। केंद्र में वित्त मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) में रह चुके हैं।
