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INLD युवा अध्यक्ष की सिर में कुल्हाड़ी मारकर हत्या: दिल्ली में लाश जलाने की कोशिश; सोनीपत से ₹10 लाख कैश लेकर निकले थे – Sonipat News

INLD युवा अध्यक्ष की सिर में कुल्हाड़ी मारकर हत्या:  दिल्ली में लाश जलाने की कोशिश; सोनीपत से ₹10 लाख कैश लेकर निकले थे – Sonipat News


INLD के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला के साथ भूपेंद्र उर्फ बीनू दहिया। – फाइल फोटो

हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राई विधानसभा क्षेत्र से युवा हलका अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह उर्फ बीनू दहिया की हत्या कर दी गई। उनके सिर में कुल्हाड़ी से वार किए गए। उनका शव दिल्ली के ऑफिस में पड़ा मिला। शव को जलाने की कोशिश की

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परिवार का कहना है कि भूपेंद्र 1 जनवरी को घर से 10 लाख रुपए लेकर निकले थे। उन्होंने बताया था कि उन्हें किसी की पेमेंट करनी है। जहां भूपेंद्र का शव मिला, वहां कुछ कैश भी जला हुआ मिला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के चलते भूपेंद्र दहिया को 20 सितंबर 2025 को राई विधानसभा क्षेत्र का इनेलो युवा हलका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। – फाइल फोटो

घटना पर ताऊ के लड़के की 3 अहम बातें….

  • प्रॉपर्टी डीलर को पेमेंट देनी थी: भूपेंद्र के ताऊ के लड़के शशि ने बताया कि 1 जनवरी को भूपेंद्र नाहरी गांव में अपने घर से पेमेंट लेकर गया था। उसने बैंक से भी पैसे निकलवाए थे। भूपेंद्र को 14 से 15 लाख रुपए लामपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर को देने थे। लामपुर में एक मिनी फार्म हाउस है, और उसके पीछे भूपेंद्र का ऑफिस भी है।
  • ऑफिस में शव मिला: शशि के अनुसार, भूपेंद्र के मोबाइल पर आखिरी कॉल लगभग 6:05 बजे आई थी। 6:30 के बाद भूपेंद्र के मोबाइल पर कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिला। भूपेंद्र आमतौर पर शाम को 8 बजे घर आ जाता था। जब रात 9 बजे तक भूपेंद्र ने फोन नहीं उठाया, तो परिजनों ने आसपास के संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की। रात को 11:20 पर वे दिल्ली में लामपुर फार्म हाउस के पीछे बने ऑफिस पर पहुंचे, जहां भूपेंद्र का शव पड़ा हुआ था।
  • तसले में कैश डालकर आग लगाई: शशि ने आगे बताया कि अंदर जाकर देखा तो भूपेंद्र की गाड़ी भी वहीं खड़ी थी। एक तसले में करीब एक से डेढ़ लाख रुपए डालकर आग लगाई गई थी। मौके पर सोने का कड़ा और मोबाइल भी पड़ा था। रात 11:44 पर दिल्ली पुलिस को कॉल की। पीसीआर 15 से 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची। पुलिस लगभग 4 बजे तक घटनास्थल पर जांच करती रही।
सोनीपत के नाहरी गांव में भूपेंद्र सिंह उर्फ बीनू दहिया का घर। यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।

सोनीपत के नाहरी गांव में भूपेंद्र सिंह उर्फ बीनू दहिया का घर। यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।

अब भूपेंद्र सिंह के बारे में जानिए….

परिवार और निजी जीवन गांव नाहरी निवासी भूपेंद्र अपने बड़े भाई मनोज, मां और बच्चों के साथ रहते थे। वर्ष 2010 में उनकी शादी हुई थी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 14 और 12 साल है। बड़ा बेटा दक्ष राई स्पोर्ट्स स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है, जबकि छोटा बेटा भी पढ़ाई कर रहा है। पत्नी गृहिणी हैं। मां भी परिवार के साथ रहती हैं। उनके पिता का निधन वर्ष 2002 में हो चुका है।

15 साल से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े थे भूपेंद्र परिजनों के अनुसार, भूपेंद्र दहिया पिछले लगभग 15 वर्षों से प्रॉपर्टी के कारोबार में थे। लामपुर बॉर्डर और दिल्ली के नरेला क्षेत्र के पास स्थित अपने कार्यालयों में उनका नियमित रूप से आना-जाना था। 1 जनवरी को भी वे किसी प्रॉपर्टी डीलर से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे।

इनेलो में सक्रिय भूमिका, हाल ही में मिला पद भूपेंद्र इनेलो से लंबे समय से जुड़े हुए थे। पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के चलते 20 सितंबर 2025 को उन्हें राई विधानसभा क्षेत्र का इनेलो युवा हलका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इनेलो जिला अध्यक्ष कुनाल गहलावत ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही हत्याओं से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। नफे सिंह राठी हत्याकांड के बाद अब युवा हलका अध्यक्ष की हत्या सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार का अपराध पर कोई नियंत्रण नहीं है।

अभय चौटाला बोले- अपराधियों की ढाल बनी सत्ता इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने X पर लिखा- हरियाणा की धरती आज लहूलुहान है और सत्ता में बैठे लोग दिल्ली दरबारी की हाजरी लगाने में व्यस्त है। इनेलो के युवा नेता भूपेंद्र सिंह उर्फ बीनू दहिया की नृशंस हत्या और फिर सबूत मिटाने के इरादे से शव को जलाने के लिए दिल्ली ले जाने की घटना कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था की भी खुलेआम हत्या है।

आज अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा है कि सत्ता उनकी ढाल बन चुकी है। मैं सरकार को साफ चेतावनी देता हूं यदि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में कठोर सजा नहीं दिलाई गई और इस जघन्य अपराध के पीछे बैठे राजनीतिक संरक्षण देने वालों को बेनकाब नहीं किया गया तो इनेलो सिर्फ बयान तक सीमित नहीं रखेगी। यह लड़ाई किसी एक नेता की नहीं बल्कि हरियाणा में न्याय, सुरक्षा और लोकतंत्र को जिंदा रखने की है।



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