वार्ड-14 के गंदा पानी आने से परेशान हैं। वहीं पार्षद ने अब भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही है।
कानपुर में गंदे पानी की सप्लाई से परेशान वार्ड पार्षद ने अब भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही है। वार्ड पार्षद गर्भवती हैं और उनका कहना है कि वह अपने इलाके की समस्या के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगी, क्योंकि जलकल विभाग और मेट्रो के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर
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उन्होंने बताया कि वह लगातार इलाके में गंदा पानी आने की समस्या को नगर निगम और अधिकारियों को बता रही हैं। फिर भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब वह भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। वह गर्भवती हैं, लेकिन अपने वार्ड की समस्या के निस्तारण के लिए आंदोलन करने को तैयार हैं।
वार्ड के 4 मुहल्लों में लगातार गंदा पानी आ रहा है।
4 मुहल्लों हो रही है गंदे पानी की सप्लाई
वार्ड 14 की पार्षद अंजू सुनील कनौजिया ने बताया कि उनके वार्ड के 4 मुहल्लों में लगातार पीने के पानी की सप्लार्इ में गंदगी आ रही है। सप्लाई में दुर्गंध युक्त मल-मूत्र वाला पानी आ रहा है, जिसे पीना को दूर उससे नहाया भी नहीं जा सकता है। जिसकी शिकायत लगातार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त और मेयर से इस समस्या के बारे में कई बार बताया जा चुका है। लेकिन अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए अब वह इलाके के लोगों के साथ आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इलाके के संत रविदास नगर, विनोवा नगर, बुद्ध विहार और राखी मंडी में लगातार गंदे पानी की सप्लाई हो रही है।

पार्षद शालू कनौजिया ने कहा कि वह भूख हड़ताल करेंगी। अगर उन्हें या उनके बच्चे को कुछ हुआ तो इसका जिम्मेदार मेट्रो और जलकल विभाग होगा।
मेट्रो की खुदाई के बाद से है समस्या
इलाके में मेट्रो का प्रोजेक्ट चल रहा है। पार्षद ने बताया कि इलाके में मेट्रो ने अपनी पाइन लाइन डाली थी। जिसके बाद से लगातार समस्या बनी हुई है। कई इलाकों में जलभराव की समसया है और पीने की सप्लाई में भी गंदा पानी आ रहा है। लेकिन अधिकारी आमजनों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो मेट्रो जिम्मेदार
पार्षद शालू कनौजिया ने बताया कि उन्होंने नगर निगम और जलकल विभाग से शिकायत की है। अगर दो दिन में गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगी। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती हैं, इसके बाद भी आमजनों के लिए भूख हड़ताल करेंगी। इस दौरान अगर उन्हें या उनके बच्चे को कुछ हुआ तो इसका जिम्मेदार मेट्रो और जलकल विभाग होगा।
