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चंडीगढ़ में सीधे जनता 5 साल के लिए चुने मेयर: पूर्व सांसद बोले- एक्ट में संशोधन हो, पद मजबूत बने, ACR लिखने की पावर मिले – Chandigarh News

चंडीगढ़ में सीधे जनता 5 साल के लिए चुने मेयर:  पूर्व सांसद बोले- एक्ट में संशोधन हो, पद मजबूत बने, ACR लिखने की पावर मिले – Chandigarh News


चंडीगढ़ के पूर्व सांसद पवन बंसल मीडिया से बातचीत करते हुए।

चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर का चुनाव पांच साल के लिए होना चाहिए। मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा होना चाहिए। वहीं, इस पद को मजबूत बनाया जाना चाहिए। निगम को पूरे फंड मिलने चाहिए। साथ ही अफसरों की ACR लिखने का अधिकार भी मेयर के पास होना चाहिए। यह कहना है

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यह बात उन्होंने एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में कहीं। उनका कहना है कि नगर निगम को मजबूत बनाना होगा। संविधान में जो अधिकार दिए गए हैं, वे इसे दिए जाने चाहिए। अधिकारों के साथ इसे फंक्शन, फंड और फंक्शनरी भी मिलनी चाहिए, ताकि नगर निगम का फायदा हो सके।

चंडीगढ़ नगर निगम की मीटिंग में मौजूद पार्षद। फाइल फोटो।

अब 4 प्वााइंटों में जानिए पवन बंसल ने कहा है –

1. निगम को सारे फंड मिलने चाहिए

बंसल ने कहा कि फंड की बात करें तो हमारे फाइनेंस कमीशन का कहना है कि निगम एक-तिहाई हिस्सा मिलना चाहिए। जब सब काम इनके पास हों, तो सारा पैसा यूटी एडमिनिस्ट्रेशन अपने पास क्यों रखता है। इनके पास पैसे नहीं होते हैं। इन पर दबाव डाला जाता है कि आप अपनी तरफ से करो। क्या लोगों पर और अधिक दबाव डाल दिया जाए। इन्हें इनका पैसा मिलना चाहिए। हालांकि, यहां संविधान के विपरीत हो रहा है। यह आज से नहीं, बल्कि पहले से ही चला आ रहा है।

2. पहले तो निगम बनने का विरोध था

जब यह कानून बना था, उस समय चंडीगढ़ नगर निगम बनाने का ही विरोध हो रहा था। मेरा मानना था कि नगर निगम तो बने, उसके बाद देखा जाएगा और इन सब चीजों को किया जाएगा। अब समय आ गया है कि कानून में संशोधन कर सीधे पांच साल के लिए चुनाव हो। उसमें मेयर चुना जाए, ताकि पद की गरिमा बने। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव भी सीधे होने चाहिए। बाकी पार्षदों का काम न रहे कि हर साल मेयर को चुनना पड़े।3. कुछ चीजे लोकतंत्र के विपरीत हुई

हर साल मेयर चुनाव में बहुत कुछ अच्छा नहीं होता है। इससे ज्यादा कहने की बात नहीं है। लेकिन लोकतंत्र में कुछ बातें ऐसी भी हो जाती हैं, जो लोकतंत्र के खिलाफ होती हैं। पिछले सालों में हम देखते रहे हैं कि क्रॉस वोटिंग होती रही है। क्रॉस वोटिंग क्यों होती है, यह आज चर्चा का विषय नहीं है। लोकतंत्र पवित्र बनेगा।

4.सीधे लोग मेयर चुनेंगे तो पद की गरिमा बनेगी

जब छह-सात लाख लोग वोट डालकर मेयर चुनेंगे, तो इस पद की गरिमा बनेगी। कुछ अधिकार उसके होंगे। फंक्शन, फंड और फंक्शनरी का अधिकार भी उसे मिलना चाहिए। निगम के अफसरों की ACR लिखने का अधिकार भी उसका हो, ताकि मेयर की बात मानी जाए। आज चीफ तो निगम कमिश्नर है। जहां सब लोग कहते हैं कि एमसी चीफ ने कहा है। वह एमसी चीफ कौन है? वह निगम कमिश्नर है।

पांच साल पूरे होंगे कार्यकाल को

दरअसल पवन बंसल ने एक मीडिया एजेंसी को इंटरव्यू में यह बात कही है। यह बात उन्होंने उस समय कही है कि जब नगर निगम का 5 साल का कार्यकाल इस साल के आखिरी में पूरा हो जाएगा। साथ ही नए सिरे से पार्षद पद के लिए चुनाव होने है। तो उनका कहना है कि इस समय कानून में संशोधन किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ इस साल मेयर चुनाव 29 जनवरी को तय है। इस समय भाजपा और विरोधी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पास 18-18 वोट है। जोड़ तोड़ की राजनीति चल रही है7



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