अतुल कुमार सिंह | लखनऊ3 मिनट पहले
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लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजयंत खंड के महाराणा प्रताप पार्क में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा, स्वयंसेवक और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि श्रीधाम अयोध्या के बावन मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण महाराज थे। उन्होंने अपने संबोधन में सभी हिंदुओं से संगठित होकर धर्म की रक्षा करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। महंत ने समाज में आपसी समरसता, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा
मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अवध प्रांत के संगठन मंत्री विजय ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव भारतीय संस्कृति पर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने 1835 में लॉर्ड मैकाले द्वारा शिक्षा प्रणाली में किए गए परिवर्तनों का जिक्र करते हुए बताया कि इससे मानसिक गुलामी को बढ़ावा मिला और भारतीय इतिहास व साहित्य में महापुरुषों को विकृत रूप में प्रस्तुत किया गया।
विजय ने आगे कहा कि आज भी कुछ विधर्मी और वामपंथी विचारधाराओं से जुड़े लोग भारतीय संस्कृति तथा मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण और 2014 के बाद देश को मिले सशक्त नेतृत्व का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन घटनाओं ने भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
ये लोग शामिल हुए
हिंदू सम्मेलन के समन्वयक और भाजपा नेता प्रदीप मिश्रा ने जानकारी दी कि इसी प्रकार के कार्यक्रम गोमती नगर फेज-2 की सभी बस्तियों में 31 जनवरी तक आयोजित किए जाएँगे।इस अवसर पर हरे कृष्ण मंदिर के धर्म उपदेशक अजय कृष्ण दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लखनऊ पूर्व भाग के संघचालक प्रभात अधौलिया, महामना मालवीय मिशन के संरक्षक प्रभुनारायण श्रीवास्तव, भाग कार्यवाह ज्योति और नगर संघचालक जगबीर सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि और स्वयंसेवक उपस्थित थे।
