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शहर के एक निजी अस्पताल में कम्प्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ कर लाखों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जार्जटाउन में कैलाश हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर से जुड़े इस मामले में तीन कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि कर्मचारियों ने सॉफ्टवेयर और गोपनीय पासवर्ड का दुरुपयोग कर लंबे समय से रकम में हेराफेरी की और पैसों का बंदरबांट करते रहे। कैसे खुला खेल? अस्पताल के मैनेजर राजू सिंह की तहरीर के मुताबिक, वह बिहार का रहने वाला है और न्यूरो सर्जन डॉक्टर प्रकाश कुमार खेतान के लाउदर रोड स्थित कैलाश हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर में मैनेजर है। मुझे मेडिकल स्टोर के बिलों में गड़बड़ी का शक तब हुआ जब एक मरीज के बिल में बड़ा अंतर सामने आया। 10 अप्रैल 2026 को हर्षित नाम के मरीज का बिल 5147 रुपये बना, लेकिन कम्प्यूटर रिकॉर्ड में महज 147 रुपये ही दिखाए गए। शक गहराने पर मरीज से बिल मंगाया गया तो पूरा मामला खुल गया। सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़, पासवर्ड का खेल जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारी कम्प्यूटर के सॉफ्टवेयर में हेराफेरी कर असली रकम छुपा देते थे। आरोप है कि मुख्य आरोपी शिव कुमार के पास गोपनीय पासवर्ड था और वह मोबाइल के जरिए सॉफ्टवेयर में बदलाव करता था। इसमें अन्य कर्मचारियों की भी मिलीभगत बताई गई है। लंबे समय से चल रहा था खेल सॉफ्टवेयर इंचार्ज से जानकारी लेने पर पता चला कि यह खेल काफी समय से चल रहा था। हर बार बिलिंग के दौरान रकम में कटौती दिखाकर बाकी पैसे आपस में बांट लिए जाते थे। नए कर्मचारियों को भी इस गड़बड़ी में शामिल करने के लिए लालच दिया जाता था। पुलिस ने दर्ज किया केस मैनेजर की शिकायत पर जार्जटाउन थाने में तीन कर्मचारियों शिव कुमार, सुरेश कुमार और अनिरुद्ध यादव के खिलाफ गबन, कूटरचना और आईटी से जुड़े प्रावधानों में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और गबन की कुल रकम का आकलन करने में जुटी है। जांच जारी, बढ़ सकती हैं धाराएं जॉर्जटाउन थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आईटी एक्ट की अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
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