मिर्जापुर में संपत्ति विवाद में एक बेटे ने अपनी सौतेली मां और सौतेले भाई की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। मंगलवार सुबह सामने आई इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में मृतका के दामाद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला मड़िहान थाना क्षेत्र का है। करोड़ों की संपत्ति का विवाद जानकारी के अनुसार, मूल रूप से मऊ निवासी प्रेमचंद गुप्ता मड़िहान में लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदार थे। ठेकेदारी के जरिए उन्होंने करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की। पहली पत्नी के निधन के बाद उन्होंने दूसरी शादी की। पहली पत्नी से उनके दो बच्चे राहुल और गुंजा थे। जबकि दूसरी पत्नी ऊषा गुप्ता से आयुष, संध्या और विनिता का जन्म हुआ। सभी का विवाह हो चुका था। परिवार में विवाद काफी समय से चल रहा था। राहुल की पत्नी घरेलू विवादों से तंग आकर उसे छोड़कर चली गई थी। वहीं आयुष की पहली पत्नी की मौत के मामले में दहेज उत्पीड़न व हत्या के आरोप लगे थे। जिसमें आयुष और उसकी मां ऊषा गुप्ता को करीब एक साल जेल में रहना पड़ा। इस दौरान आयुष का बेटा ओम अपने ननिहाल में रहा। बाद में आयुष की दूसरी शादी भी टूट गई। राहुल, मां की मौत के बाद सौतेली मां के कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार के बीच पला-बढ़ा। इसी दौरान वह ऑनलाइन गेमिंग की लत में पड़ गया और लाखों रुपए के कर्ज में डूब गया। कर्जदारों से बचने के लिए वह 2010 में घर छोड़कर फरार हो गया था। लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चला, जिसके चलते उसका नाम परिवार रजिस्टर से कटवा दिया गया। पिता की मौत के बाद बढ़ा विवाद करीब 10 साल बाद राहुल अपने पिता की मौत से कुछ समय पहले घर लौटा और फिर चला गया। 23 अक्टूबर 2023 को प्रेमचंद गुप्ता की मौत के बाद राहुल दोबारा मड़िहान आया और संपत्ति में अपने हिस्से की मांग करने लगा। यहीं से विवाद बढ़ता चला गया। बताया जाता है कि ऊषा गुप्ता संपत्तियां बेचने और अन्य लोगों के नाम कराने लगी थीं। जिसका राहुल ने विरोध किया। तनाव तब और बढ़ गया जब राहुल ने एक ऐसा मकान बेच दिया। जिसमें आयुष की कंस्ट्रक्शन सामग्री की दुकान चल रही थी। नए खरीदार द्वारा कब्जा मांगे जाने से दोनों भाइयों के बीच विवाद लगातार बढ़ता चला गया। हत्या की आशंका पहले ही जता चुकी थी सूत्रों के अनुसार, ऊषा गुप्ता ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए पहले ही पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर शांति भंग की आशंका में दोनों पक्षों का चालान भी हुआ था। लेकिन विवाद थम नहीं सका। धारदार हथियार से दोहरी हत्या मंगलवार की रात विवाद चरम पर पहुंच गया। आरोप है कि राहुल ने सौतेली मां ऊषा गुप्ता और भाई आयुष की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया। दामाद की तहरीर, जांच जारी इस मामले में मृतका ऊषा गुप्ता के दामाद राजकुमार गुप्ता ने मड़िहान थाने में तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर डबल मर्डर के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। प्रेमचंद गुप्ता ने मड़िहान बाजार में तीन मकान, मड़िहान, देवरी और हरिहरा गांव में जमीन खरीदी थी। मऊ में अपने भाई के नाम पर भी संपत्ति ली गई थी। उनकी मौत के बाद छह से अधिक बैंकों में करोड़ों रुपए की जमा राशि सामने आई। कुछ खातों से करीब 25 लाख रुपए निकालकर आपसी बंटवारा किया गया। जिसमें राहुल को केवल आठ लाख रुपए मिले। यही नाराजगी हत्या की बड़ी वजह बताई जा रही है। मासूम की आंखों के सामने उजड़ा परिवार घटना के बाद परिवार में केवल मासूम ओम ही बचा है। जिसने अपने पिता आयुष और दादी ऊषा गुप्ता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। एसपी ऑपरेशन मनीष मिश्र ने बताया कि मामले की हर बिंदु से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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