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जिस ग्रीनवुड अपार्टमेंट के बेसमेंट की रिटेंशन पाइल गिरी: सैंड बैग लगाकर रोक रहे मिट्‌टी; मकानों को सुरक्षित करने का जतन शुरु – Gorakhpur News

जिस ग्रीनवुड अपार्टमेंट के बेसमेंट की रिटेंशन पाइल गिरी:  सैंड बैग लगाकर रोक रहे मिट्‌टी; मकानों को सुरक्षित करने का जतन शुरु – Gorakhpur News

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की प्रतिष्ठित योजना ग्रीनवुड अपार्टमेंट के बेसमेंट का रिटेंशन पाइन गिरने के बाद हड़कंप मचा है। रविवार को सचिव पुष्पराज सिंह और मुख्य अभियंता किशन सिंह मौके पर पहुंचे। रिटेंशन वाल के पिलर गिरने से मिट्‌टी भी गड्‌ढे में गिरने का खतरा बढ़ गया है। इससे मोहल्ले में आसपास के घरों के मालिक चिंता में हैं। एक बार पहले वे गड्‌ढा खुदाई के दौरान दरार पड़ने से डर चुके हैं। इस घटना ने उन्हें दोबारा डरा दिया है।
मिट्‌टी खिसकने से रोकने के लिए GDA अब वहां सोरिंग कराई जा रही है। यानी वहां बालू से भरे बोरे रखे जा रहे हैं। ठीक वैसा ही उपाय किया जा रह है, जैसे नदी की कटान से बंधे को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। फिलहाल वहां काम रोक दिया गया है और इंतजार दिल्ली से आने वाले आर्किटेक्ट व स्ट्रक्चरल इंजीनियर का है। 20 जनवरी को आर्किटेक्ट के आने की उम्मीद है और 21 को स्ट्रक्चरल इंजीनियर के। जब ये गोरखपुर पहुंचकर अपना सुझाव देंगे तो रिटेंशन वाल का निर्माण शुरू होगा। इससे पहले भी जब मोहल्ले के मकानों में दरार आयी थी तो दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाने पड़े थे। जानिए क्या है घटना लगभग 350 करोड़ रुपये की इस परियोजना का बेसमेंट बनाने के लिए एक साथ खुदाई कर दी गई। यह क्षेत्र ऐसा है, जहां वर्ष में लंबे समय तक पानी भरा रहता था। ऐसे में एक साथ खोदना खतरनाक हो सकता था। उस दौरान कई मकानों में दरारें आयी थीं तो मेहल्ले वाले आक्रोशित हो गए। लगभग एक महीने काम रुका रहा। फिर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने एक मानक बनाया और उसी के मुताबिक काम करने को कहा। लेकिन न जाने काम कैसे किया गया और उसकी निगरानी कैसे हुई कि रिटेंशन वाल के 15 पिलर गिर गए। उसके बाद रिटेंशन वाल बनाने का काम शुरू कर दिया गया। जब मोहल्ले के लोगों ने यह स्थिति देखी तो GDA को सूचित किया। मोहल्ले के लोग आक्रोशित हुए तो प्राधिकरण को उनकी सुरक्षा की याद आयी। मानिटरिंग पर उठ रहे सवाल करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में लगभग सवा करोड़ तक के फ्लैट हैं। लेकिन इसे बनाते समय कोई विशेषज्ञ इंजीनियर इसकी निगरानी करता नजर नहीं आता। शायद यही कारण है कि जब भी मामला फंसता है तो दिल्ली की ओर निहारना पड़ता है। प्राधिकरण की ओर से भी मानिटरिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी बड़ी व महात्वाकांक्षी परियोजना की ऐसी शिथिल मानिटरिंग हुई कि कमियों का पता ही नहीं चल पाया। अब सभी किसी और विशेषज्ञ की राह देखने में जुटे हैं। GDA की पहली स्वीमिंग पूल वाली योजना
ग्रीनवुड अपार्टमेंट योजना GDA की पहली स्वीमिंग पूल वाली योजना है। लगभग 50 प्रतिशत फ्लैट की बुकिंग हो चुकी है। लोग समय से अपनी किस्तें भी जमा कर रहे हैं। उन्हें एक गुणवत्तापरक फ्लैट की उम्मीद है लेकिन जिस तरह से इस योजना के साथ विवाद जुड़ रहे हैं, उससे आवंटियों को भी भय सताने लगा है। मोहल्ले के लोगों को किया आश्वस्त
रविवार को सचिव पुष्पराज सिंह, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह ने मौके का जायजा लिया। सचिव ने सोरिंग का काम देखा। उन्होंने मोहल्ले के लोगों को आश्वासप दिया कि चिंता की कोई बात नहीं है। सैंड बैग लग जाने से मिट्‌टी नहीं खिसकेगी। जल्द ही स्ट्रक्चरल इंजीनियर व आर्किटेक्ट निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
निर्माण कर रही कंपनी को उन्होंने गुणवत्ता का खास ध्यान रखने को कहा है। अब जानिए निर्माण कार्य की प्रगति क्या है ग्रीनवुड अपार्टमेंट के 5 टावर के बेसमेंट का काम तेजी से चल रहा है। टावर ए में बेसमेंट की छत आधा पड़ चुकी है। वहीं, टॉवर बी और ई की छत पूरी डाली जा चुकी है। इसके अलावा टावर सी और डी की प्रूफिंग का काम चल रहा है ताकि जल्द ही छत डालने का काम शुरू हो सके। यह कार्य हो जाने के बाद बारिश में भी कोई काम प्रभावित नहीं होगा।



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