बहराइच के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज माधवपुरी में सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार ने सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की एक शताब्दी से राष्ट्र सेवा में समर्पित गौरवशाली यात्रा का वर्णन किया। कृष्ण कुमार ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक समाज के सभी क्षेत्रों में सक्रिय रहकर राष्ट्र का यशोगान कर रहे हैं। उन्होंने वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए समाज से ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों को आत्मसात करने का आह्वान किया। कृष्ण कुमार ने ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के माध्यम से संपूर्ण हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव से मुक्त होकर एक सूत्र में बंधना होगा। कुटुंब प्रबोधन को अपनाकर परिवार को संस्कारों की पहली पाठशाला के रूप में पुनः जागृत करना आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण के तहत जल, पृथ्वी और वृक्षों की रक्षा को आध्यात्मिक उत्तरदायित्व बताया गया। इसके अतिरिक्त, स्वदेशी व नागरिक कर्तव्य का पालन करते हुए आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया गया। स्वामी विष्णुदेवाचार्य महाराज ने सनातन संस्कृति की ‘अपौरुषेय’ शक्ति का उल्लेख करते हुए समाज में नई चेतना का संचार किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म के लिए बलिदान होना सहर्ष स्वीकार है, किंतु किसी भी परिस्थिति में परधर्म का अवलंबन स्वीकार नहीं है। स्वामी विष्णुदेवाचार्य ने भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को हिंदू समाज का स्वाभिमान बताया। उन्होंने कहा कि इस स्वाभिमान को प्राप्त करने के लिए लाखों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है। उन्होंने हिंदू परिवारों से गौ पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि गौ संरक्षण के बिना हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना साकार नहीं होगी।
ब्रह्माकुमारी बहराइच की प्रमुख साधना ने संघ के महान कार्यों को ‘ईश्वरीय कार्य’ की संज्ञा देते हुए कहा कि जिस प्रकार ईश्वर मानवता के कल्याण की योजना बनाता है, संघ के स्वयंसेवक उसी सेवा को धरातल पर क्रियान्वित कर रहे हैं।
मेजर डॉ. एस.पी. सिंह जी ने बल दिया कि जब तक हिंदू समाज संगठित और स्वाभिमानी है, तब तक भारत की सीमाएं और संस्कृति सुरक्षित हैं।कार्यक्रम का संचालन अखिलेश श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में नगर संघचालक डॉ गोविंद शेखर, जिला कार्यवाह भूपेंद्र , जिला प्रचारक अजय, विभाग संपर्क धर्मेंद्र, विभाग प्रचारक प्रमुख अतुल गौड़, जिला सह संपर्क प्रमुख अमर सिंह,विजय बहादुर,ओम प्रकाश, राजेन्द्र प्रसाद, यमुना प्रकाश, मनीष,अभिषेक,उत्तम, विपिन, इंद्रेश सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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