चतरा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हजारीबाग एसीबी की टीम ने चतरा स्थित जिला आयुष कार्यालय में की। आरोपी अधिकारी पर अपने ही विभाग में कार्यरत महिला आयुष चिकित्सक से विभागीय कार्य के निष्पादन के बदले अवैध राशि की मांग करने का आरोप है। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि विभाग की ही चिकित्सक हैं। शिकायत का सत्यापन, एसपी के नेतृत्व में बनी विशेष टीम एसीबी के अनुसार, टंडवा में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ. प्रिया कुमारी से जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा लगातार विभागीय कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। इससे परेशान होकर डॉ. प्रिया कुमारी ने हजारीबाग एसीबी कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी एसपी आरिफ एकराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरे मामले का गुप्त रूप से सत्यापन किया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। योजना के तहत चिकित्सक को तय रकम लेकर अधिकारी के पास भेजा गया। रिश्वत लेते ही गिरफ्तारी, हजारीबाग ले जाकर पूछताछ निर्धारित योजना के अनुसार जैसे ही डॉ. प्रिया कुमारी ने कार्यालय में राम प्रकाश वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत दी, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर ली। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी अधिकारी को अपने साथ हजारीबाग ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में विभाग के अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी का अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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