सोनीपत जिले के गांव महलाना में पश्चिमी यमुना लिंक नहर में डूबे सात साल के मासूम सौमित का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। रविवार शाम बहन के साथ खेतों में खेलने गया सौमित अचानक पैर फिसलने से नहर में गिर गया था। घटना के बाद से एनडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, गोताखोर और ग्रामीण लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। बच्चे के न मिलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
बहन के साथ खेतों में खेलने गया था सौमित
परिजनों के अनुसार सात साल का सौमित रविवार देर शाम अपनी छोटी बहन के साथ खेतों की तरफ खेलने के लिए गया था। खेतों के बिल्कुल नजदीक पश्चिमी यमुना लिंक नहर बहती है। शाम के समय जब बहन ने सौमित से घर चलने को कहा तो वह खेलने में लगा रहा और नहर के पास छुपने लगा।
पैर फिसलते ही नहर में गिरा मासूम
इसी दौरान नहर के किनारे सौमित का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे तेज बहाव वाले पानी में गिर गया। बहन ने उसे डूबते देखा तो घबराकर घर की तरफ दौड़ी और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने नहर में कूदकर किया बचाने का प्रयास
जानकारी मिलते ही गांव के कई युवक मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए नहर में कूदकर बच्चे को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन नहर का तेज बहाव होने के कारण सौमित का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया और प्रशासन को भी मौके पर बुलाया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा
बच्चे के नहर में डूबने की सूचना मिलने पर एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। एनडीआरएफ ने पांच प्रशिक्षित गोताखोरों को नहर में उतारकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोर लगातार नहर में तलाश कर रहे हैं, लेकिन तीसरे दिन तक भी सौमित का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
दिल्ली की ओर जाने वाला नहर का पानी कराया गया कम
रेस्क्यू ऑपरेशन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पश्चिमी यमुना नहर में दिल्ली की ओर जाने वाले हिस्से का पानी कम कराया। पानी का स्तर घटने के बाद गोताखोरों को तलाशी में कुछ राहत मिली, लेकिन दो दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मासूम का पता नहीं चल सका।
एनडीआरएफ कर्मी बोले-हर संभव प्रयास जारी
एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। गोताखोरों और रेस्क्यू कर्मियों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और बच्चे को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम
घटना के बाद से सौमित के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप नहर किनारे बैठे बेसब्री से बच्चे के मिलने की आस लगाए हुए हैं। वहीं गांव महलाना में इस हादसे को लेकर गम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
पिता कपड़े बेचने गया था, चार बच्चों का पिता है सोनू
गांव के सरपंच रविंद्र ने बताया कि सौमित के पिता सोनू का मकान नहर के नजदीक बना हुआ है। सोनू गांव-गांव जाकर कपड़े बेचने का काम करता है। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। डूबने वाला सौमित तीसरे नंबर का बेटा था। घटना के समय पिता काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था।
Source link
