स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया बोर्ड परीक्षाओं में एक भी बच्चा फेल न हो, इसके लिए स्कूलों में इनोवेटिव एप्रोच अपनाते हुए छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराएं। इससे छात्र-छात्राएं पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होंगे। जिसका बेहतर और सकारात्मक परिणाम उनके रिजल्ट में भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में निरंतर और प्रभावी रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया।जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उनके प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान राज्य में संचालित सभी पीएमश्री विद्यालयों में बजटीय गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिसमें लापरवाही पर खूंटी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) एवं सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एडीपीओ) को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। राज्य के 363 पीएमश्री स्कूलों का निरीक्षण करेगी टीम सचिव उमाशंकर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि 17 फरवरी से पूर्व सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का कोई भी शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों की संतृप्ति हेतु निर्धारित 21 संकेतकों का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि एक सप्ताह के भीतर राज्यस्तरीय टीम पीएमश्री विद्यालयों का भ्रमण करेगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह अथवा मार्च में केंद्रीय टीम द्वारा पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण प्रस्तावित है।
Source link
