धनबाद के बाबूडीह खटाल निवासी और पीएनबी बैंक के लिए लोन रिकवरी का काम करने वाले अमित कुमार के लापता होने के बाद आज शव बरामद कर लिया गया है। उनकी हत्या के आरोप में विकास खंडेलवाल नाम के व्यक्ति को अरेस्ट किया गया है। विकास की निशानदेही पर अमित की बॉडी सदर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य हाइलैंड सोसाइटी में उसी के घर से बरामद की गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। परिजनों से लापता होने की दर्ज कराई थी शिकायत मृतक के परिजनों द्वारा पहले ही अमित अग्रवाल के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में यह भी बताया गया था कि अमित के मोबाइल फोन पर 15 लाख रुपए की फिरौती की मांग की जा रही है। पुलिस ने टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर जांच शुरू की। डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम ने बताया कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर विकास खंडेलवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर अमित अग्रवाल का शव बरामद किया गया। एक करोड़ के लोन का था सेटलमेंट पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतक के बीच करीब एक करोड़ रुपए के लोन सेटलमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण अमित अग्रवाल की हत्या की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार अमित शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे घर से यह कहकर निकले थे कि उन्हें दूर जाना है और लौटने में देर हो सकती है। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे परिजनों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। लगातार संपर्क नहीं हो पाने पर परिवार को अनहोनी की आशंका होने लगी। अमित के मोबाइल से आई फिरौती की कॉल परिजनों के अनुसार, कुछ समय बाद अमित के ही मोबाइल फोन से एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि अमित उसके पास हैं। उसने 15 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। रकम नहीं देने पर अमित को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। इसके बाद परिवार पूरी तरह घबरा गया और तत्काल मामले की सूचना धनबाद पुलिस को दी। परिजनों का कहना है कि अमित का किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन लोन रिकवरी के काम के दौरान वह कई लोगों के संपर्क में रहता था। मोबाइल लोकेशन से जांच में जुटी थी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस सक्रिय हो गई थी। पुलिस ने सबसे पहले अमित के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर मोबाइल की लोकेशन गोविंदपुर ऊपर बाजार में मिली। इसके बाद सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित सूर्य हाइलैंड सिटी के पास कई घंटों तक फोन सक्रिय रहा। बाद में पुलिस को यह जानकारी मिली कि अमित का मोबाइल फोन डांगी मोड़ के पास फेंक दिया गया है। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। एक करोड़ के लोन का था सेटलमेंट थानेदार मनोज पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम सूर्य हाइलैंड सिटी पहुंची और वहां गहन जांच-पड़ताल की। इस दौरान विकास खंडेलवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उसी से पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। अमित कुमार से उसका लोन सेटलमेंट को लेकर बातचीत चल रही थी। फिलहाल पुलिस विकास खंडेलवाल को अरेस्ट कर ली है।
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