फतेहाबाद जिले की पंचायत समितियों पर विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार का बदला लेने का सिलसिला लगातार जारी है। रतिया पंचायत समिति चेयरमैन को भी कुर्सी से हटाने की कवायद के पीछे विधानसभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने की कोशिश हो रही है। इस पूरे खेल के पीछे पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल का खेमा सक्रिय है। हालांकि, इसी के साथ चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता ने भी कुर्सी बचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पंचायत समिति के 22 सदस्यों में से एक सदस्य का निधन हो चुका है। ऐसे में 21 में से 15 सदस्यों की सहमति होने पर ही चेयरमैन को हटाया जा सकेगा। 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग बुलाने की मांग की है। एक या दो सदस्य अपने खेमे में करते ही बचा लेंगे कुर्सी राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता को अपनी कुर्सी बचाने के लिए विरोधी सदस्यों में से एक या दो सदस्यों को अपने पक्ष में करना होगा। इतना करते ही विरोधी खेमा पर्याप्त समर्थन नहीं जुटा पाएगा, जिससे मेहता की कुर्सी बच सकेगी। हालांकि, इससे पहले भी एक बार इसी तरह मेहता अपनी कुर्सी बचा चुके हैं। एक दिन पहले ही भट्टू में दुड़ाराम समर्थक को मिली कुर्सी इसी तरह विधानसभा चुनाव की हार का बदला दुड़ाराम ने भी एक दिन पहले ही लिया है। उनके खेमे के सदस्यों ने ज्योति लूणा को कुर्सी से हटाने के बाद दुड़ाराम समर्थक अनु सरबटा को भट्टू पंचायत समिति का नया चेयरपर्सन चुना है। जिले की पंचायत समितियों में यह है स्थिति फतेहाबाद जिले में फतेहाबाद, भट्टू, भूना, टोहाना, जाखल, रतिया, नागपुर समेत सात पंचायत समितियां हैं। इनमें सिर्फ रतिया में ही कांग्रेस समर्थित चेयरमैन है। बाकी सभी जगहों पर बीजेपी के चेयरमैन बने हुए हैं। भट्टू में भी पहले कांग्रेसी ज्योति लूणा चेयरपर्सन थी, लेकिन उनको 22 जनवरी को हटा दिया गया। बीजेपी में रहते हुए ही चेयरमैन बने थे केवल कृष्ण विशेष बात यह है कि केवल कृष्ण मेहता करीब साढ़े तीन साल पहले बीजेपी में रहते हुए ही चेयरमैन बने थे। उस समय वह बीजेपी के मंडल अध्यक्ष थे। रतिया से तत्कालीन बीजेपी विधायक लक्ष्मण नापा के समर्थन से वह चेयरमैन बने। मगर अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान वह लक्ष्मण नापा के साथ ही बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में चले गए। उसके बाद से ही उनको कुर्सी से हटाने के लिए सुनीता दुग्गल समर्थक लगातार प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, करीब सवा साल बाद भी दुग्गल खेमा उन्हें हटाने को लेकर अभी तक कामयाब नहीं हो सका। मैंने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी-चेयरमैन वहीं, चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता का कहना है कि उन्होंने हमेशा ब्लॉक में विकास को प्राथमिकता दी है। सभी सदस्यों को साथ लेकर चले हैं। अब केवल राजनीति हो रही है।
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