फरीदाबाद जिले में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में देर शाम हरियाणा की कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और उनकी माता राज्यसभा सांसद किरण चौधरी पहुंची। मेला परिसर में पहुंचते ही दोनों नेताओं का आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की ओर से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और विभिन्न राज्यों तथा देशों से आए कारीगरों के स्टॉल्स पर जाकर उनसे बातचीत की। कई स्टॉलों का किया अवलोकन वहीं देर शाम मेले की रोशनी और सांस्कृतिक माहौल के बीच किरण चौधरी और श्रुति चौधरी ने हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक वस्तुओं के स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी कई स्टॉल्स पर सामान खरीदती हुई भी नजर आई। दोनों नेताओं ने कारीगरों के कार्य की सराहना की और उनके हुनर को आत्मनिर्भर भारत की मजबूती से जोड़ा। सांस्कृतिक धरोहर बन चुका मेला- किरण चौधरी राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि सूरजकुंड मेला हरियाणा की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से लोग यहां पहुंचकर भारत की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और हस्तकला को करीब से देखते और समझते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हजारों लोगों के रोजगार का मजबूत माध्यम है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप यहां हाथों से बनी वस्तुओं को विशेष बढ़ावा मिल रहा है। हर बार कुछ अनोखा मिलता है- श्रुति चौधरी वहीं कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि वह हर वर्ष सूरजकुंड मेले में आती हैं और हर बार उन्हें यहां कुछ नया और अनोखा देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि आज सूरजकुंड मेला हरियाणा और देश की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है, जहां विभिन्न राज्यों और देशों की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश को उस दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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