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युवक की कुल्हाड़ी से हत्या में दोषी को आजीवन कारावास: दोस्त का हुई थी कहासुनी, बदला लेने को मारा, सिरसा कोर्ट ने सुनाया फैसला – Sirsa News

युवक की कुल्हाड़ी से हत्या में दोषी को आजीवन कारावास:  दोस्त का हुई थी कहासुनी, बदला लेने को मारा, सिरसा कोर्ट ने सुनाया फैसला – Sirsa News

सिरसा में युवक की कुल्हाड़ी से हत्या मामले में दोषी सफाक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले में आज वीरवार को वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनिष जिंदिया की कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने दोषी सफाक को आजीवन कारावास की सजा सुलाते हुए ₹15000 का आर्थिक जुर्माना लगाया है। अगर जुर्माना न भरा तो एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मामले में सरकारी वकील परविंदर सिंह के अनुसार, दोषी शंकर, राधेश्याम और उमेश को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपी सफाक कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गैर हाजिर हो गया था, जिसे अब सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, ये घटना साल 2019 की सिरसा के संत नगर की है। मृतक पंजाब निवासी लखबीर सिंह और दोषी आपस में एक ही जगह पर पराली की गांठे बनाने का काम करते थे। मृतक लखबीर के दोस्त पोहलू की दोषियों के साथ कहासुनी हो गई थी। इसी बात की रंजिश में दोषी पोहलू को मारने आए थे। उस वक्त लखबीर कमरे के बाहर सोया था। उन्होंने लखबीर को पोहलू समझकर उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। जब पता चला कि पोहलू जिंदा है और लखबीर मर गया। इस डर से वे राजस्थान भाग गए थे और बाद में पुलिस ने पकड़े। जानिएं पूरा मामला क्या है लखबीर घटना वाले दिन कमरे के बाहर सोया था दिसंबर 2019 में पुलिस को दी शिकायत में पंजाब के मुक्तसर जिले से लम्बी निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि वह खेती बाड़ी करता है। उसका भाई लखबीर सिंह ट्रैक्टर पर पराली इकट्ठा करने का काम करता है और वह सिरसा के गांव संत नगर में आया हुआ था। उसके साथ गांव से 7 से 8 अन्य आदमी भी पराली की गांठे बनाने के लिए आए हुए थे। 5 दिसंबर को उसके पास फूंफा रमनदीप का फोन आया और बताया कि लखबीर सिंह के सिर पर तेजधार हथियार से चोट लगी है और उसकी मौत हो चुकी है। कुछ देर बाद वह सिरसा के संत नगर पहुंचे। जहां जाकर पता चला कि गुरमेज सिंह उर्फ पोहलू उसका दोस्त था। एक दिन पहले पोहलू के साथ शंकर भाईया व उसके साथियों की कहानी हो गई थी। रात को पोहलू की तबीयत खराब होने से वह कमरे के अंदर सो गया था और लखबीर बाहर सोया हुआ था। शंकर भाईया व उसके साथियों ने उसी रंजिश के चलते पोहलू समझकर लखबीर की तेजधार हथियार से सिर में चोट मारकर हत्या कर दी। रात को नींद नहीं आई तो साथियों ने योजना बनाई इसके बाद पुलिस में गोदवरा पथकैली निवासी सफाक और बिहार से भवानीपुर जिला पूर्णिया से उमेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने बताया कि पोहलू के साथ उनकी बहस हो गई थी और उसने उसे थप्पड़ मार दिया था। उसके साथियों ने ही छुड़वाया था। संत नगर खेत में उन सभी ने पहले खाना बनाया और रात को सोते समय उसे नींद नहीं आई और गुस्सा दिमाग पर चढ़ा हुआ था। उसके साथियों ने कहा कि पोहलू को दिन में मजा चखाते हैं। उस वक्त पोहलू मालक सिंह के खेत में सोया हुआ था। उन्होंने कमरे के बाहर सोए व्यक्ति पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और बाद में पता चला कि वह लखबीर सिंह है, जो मर गया। इसके बाद वह डर के चलते राजस्थान में चले गए।



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