हिसार की कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह को ₹40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश खत्री सौरभ की अदालत अब 23 फरवरी को दोषी की सजा पर फैसला सुनाएगी।मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 29 जून 2021 को शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता पंजाब के मानसा जिले के काहनेवाला निवासी धर्मपाल ने आरोप लगाया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। मानसा के सरदूलगढ़ निवासी धीरज कुमार उर्फ धीरु के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज था, जो उस समय हिसार जेल में बंद था।धर्मपाल ने बताया कि उसके खेत में मजदूरी करने वाले विजय कुमार को क्राइम ब्रांच हिसार के सब इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह ने पूछताछ के लिए बुलाया था। पत्नी के गहने बेच कर दिए पैसे इसके बाद एसआई विजेंद्र सिंह ने उसे धमकी दी कि वह मुकदमे में उसका नाम डाल देगा। इससे बचने के लिए उसे 2 लाख रुपये देने होंगे। बाद में यह सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ।शिकायत के अनुसार, डर के कारण धर्मपाल ने अपनी पत्नी के गहने 37,700 रुपये में बेच दिए। आरोपी अधिकारी लगातार 50 हजार रुपये की मांग कर दबाव बना रहा था। एसीबी की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा अंततः धर्मपाल ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। जिसके बाद एसीबी की टीम ने एसआई को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 389 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
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