‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर गयाजी में विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ (गया इकाई) ने चंदौती स्थित एलआईसी कार्यालय के पास एक निजी भवन में प्रेस वार्ता कर फिल्म का खुलकर विरोध किया। संगठन ने आरोप लगाया कि फिल्म में यादव समाज का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया गया है, जिससे समुदाय की भावनां आहत हुई हैं।
‘किसी भी समुदाय की नकारात्मक छवि पेश करना सामाजिक सम्मान के खिलाफ’ प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष रामाश्रय यादव, मुकुल यादव, एडवोकेट वीरेंद्र गोप, सम्राट सिकंदर और प्रमोद यादव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समुदाय की नकारात्मक छवि पेश करना सामाजिक सम्मान के खिलाफ है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी सामग्री स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा कर सकती है। महासंघ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बिहार सरकार से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही फिल्म के नाम में बदलाव और आपत्तिजनक हिस्सों की समीक्षा की भी अपील की गई है। संगठन के नेताओं ने कहा कि अगर किसी रचना से किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है तो उस पर पुनर्विचार जरूरी है। 25 फरवरी को गांधी मैदान से विरोध रैली निकाली जाएगी विवाद को लेकर महासंघ ने आंदोलन का ऐलान भी कर दिया है। संगठन के अनुसार, 25 फरवरी को गांधी मैदान से विरोध रैली निकाली जाएगी। जिस-जिस सिनेमा हॉल में फिल्म दिखाई जाएगी, वहां प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई गई है। हालांकि, संगठन ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज की गरिमा की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप करने और मामले का समाधान निकालने की अपील की। ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो और समाज मे शांति व्यवस्था बनी रहे।
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