चित्रकूट में उत्तर प्रदेश सरकार के “मेरा गांव मेरा विद्यालय” अभियान के तहत पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय कछार पुरवा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यालय और गांव के बीच समन्वय स्थापित करना, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और सामुदायिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में विकास पथ सेवा संस्थान से डॉ. प्रभाकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शंकर प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि थे, जबकि विद्यासागर सिंह ने कार्यक्रम संयोजक की भूमिका निभाई। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रभाकर सिंह ने कहा कि यह विद्यालय गांव का अपना है और इसकी हर सुविधा, जैसे पोषण वाटिका, बागवानी, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी, बच्चों के भविष्य के लिए है। उन्होंने इसे सहेजकर रखने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियां भी यहां पढ़ सकें और विद्यालय सुचारु रूप से चलता रहे।
डॉ. सिंह ने लोगों से सरकारी संपत्ति को अपनी मानकर उपयोग करने और उसका संरक्षण करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय को अपना मानने पर ही शिक्षा का वास्तविक विकास संभव है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी शंकर प्रसाद यादव ने कहा कि गांव का विद्यालय ही गांव के विकास की आधारशिला होता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और विद्यालय की गतिविधियों में सहयोग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम संयोजक विद्यासागर सिंह ने “मेरा गांव मेरा स्कूल” अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय को आदर्श बनाना है। उन्होंने सभी अभिभावकों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति ने गांव की विद्यालय के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाया। इस अवसर पर शिक्षिका सुशील पांडे, दीपा देवी, रंजन चंदेल, सोनू गौतम, गीतांजलि सिंह, प्रियंका द्विवेदी, सियाराम सिंह, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद, अन्य सदस्य, ग्रामवासी और अभिभावक भी मौजूद रहे।
Source link
