निवाड़ी जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। कलेक्टर जमुना भिड़े ने स्पष्ट किया है कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डेटा में किसी भी प्रकार की ओवरलैपिंग य
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जिले में जनगणना के सफल और त्रुटिहीन संचालन के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी जमुना भिड़े ने इसकी अध्यक्षता की। प्रशिक्षण में जिले के सभी चार्ज स्तरीय अधिकारियों को नई डिजिटल प्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।
मुख्य प्रशिक्षक रजनीश भार्गव और निगम शांति दुबे ने अधिकारियों को जनगणना के प्रथम चरण की बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलन की प्रक्रिया को पीपीटी स्लाइड्स के जरिए समझाया। ब्लॉक क्रिएटर और जनगणना प्रबंधन पोर्टलों के उपयोग संबंधी अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण में नागरिकों द्वारा स्वयं डेटा दर्ज करने की नई व्यवस्था और उसकी सत्यापन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। कार्ययोजना और समय-सीमा सत्र में बताया गया कि जनगणना का कार्य दो महत्वपूर्ण चरणों में होगा। प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए प्रस्तावित है, जबकि द्वितीय चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या की वास्तविक गणना के लिए होगा।
सत्र को संबोधित करते हुए कलेक्टर जमुना भिड़े ने कहा कि शुद्धता ही सफलता की कुंजी है, क्योंकि जनगणना देश के भविष्य का रोडमैप तैयार करती है। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि फील्ड में तैनात प्रगणक और पर्यवेक्षक तकनीकी रूप से पूरी तरह दक्ष हों, ताकि डेटा में कोई त्रुटि न रहे।
प्रशिक्षकों को निर्देशित किया
उन्होंने प्रशिक्षकों रजनीश भार्गव एवं निगम शांति दुबे को निर्देशित किया कि वे ब्लॉक स्तर पर भी सतत समन्वय बनाए रखें ताकि प्रशिक्षण का लाभ अंतिम कड़ी तक पहुंचे। एक छोटी सी त्रुटि भी आने वाले वर्षों में योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि निवाड़ी प्रशासन इस बार जीरो एरर की रणनीति पर काम कर रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना, एसडीएम अशोक सेन, डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनीता जैन, समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और जनगणना कार्य से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
